एसटीएफ जेलों और अन्य अपराधियों के मोबाइल खोजने के लिए भी एसटीएफ मशीनों का उपयोग करने जा रही है। यह मशीनें तोड़कर फेंके हुए सिम को भी खोज निकालेगी। इसका लाभ जेलों में किए जाने वाले औचक निरीक्षणों में भी एसटीएफ को मिलेगा। इससे जेलों में चलने वाले अपराधियों के गठजोड़ का भी खुलासा आसानी से हो सकेगा।
भूरा ने घी के डिब्बे में चिपकाया था सिम
पिछले दिनों हरिद्वार जेल में बंद बदमाश भूरा ने फिरौती मांगी थी। इसमें एसटीएफ ने उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने जब जेल में छापा मारा था तो भूरा का सिम घी के डिब्बे के ढक्कन पर अंदर की ओर चिपकाया हुआ था। इसी तरह की एक मशीन ने इस सिम को पकड़ा था। आने वाली मशीनें इससे भी ज्यादा क्षमतावान होंगी।
एसटीएफ के लिए बहुत से अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव भेजे गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा अहम ड्रग डिटेक्टर है। इससे एसटीएफ की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। यह छोटी से छोटी मात्रा को भी ढूंढ निकालती है। जल्द ही इसको शामिल किया जाएगा।
- अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ