कई अभ्यर्थी स्वीकार कर रहे अपनी गलती
एसएसपी ने बताया कि अभ्यर्थियों से अपनी गलती स्वीकार करने की अपील की गई थी। इसके बाद से लगातार कुछ अभ्यर्थी आकर अपने बयान दर्ज करा रहे हैं। जो अभ्यर्थी सही बात बता रहे हैं, उनसे शपथपत्र लिए जा रहे हैं। इसके अलावा जो लोग जानबूझकर गलती कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। इन्हीं में से एक था तुषार चौहान, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
ये है पूरा मामला
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा गत वर्ष दिसंबर में कराई थी। इसके बाद से ही लगातार इसमें धांधली की बात सामने आ रही थी। बीती 22 जुलाई को मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। तब इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई। इसके बाद से ही एसटीएफ कड़ियां जोड़कर पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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टेलीग्राम एप पर किया था पेपर लीक
परीक्षा का पेपर लीक करने वाले को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। यह भी आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस सॉल्यूशन का कर्मचारी था। इसकी जिम्मेदारी पेपर छपने के बाद सील करने की थी, लेकिन शातिर ने तीनों पालियों के एक-एक सेट को टेलीग्राम एप के माध्यम से अपने साथियों को भेज दिया। इस काम के लिए उसे 36 लाख रुपये मिले थे।