माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई को केंद्र से मिलनी वाली प्रतिपूर्ति राशि के लिए राज्यों को भारतीय रिजर्व बैंक से ऋण लेने की सुविधा मिलेगी। जीएसटी काउंसिल की बैठक में राज्यों को यह सुझाव दिया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक चार महीने की प्रतिपूर्ति राशि के रूप में केंद्र से राज्य को 2241 करोड़ की धनराशि मिलनी है। जो अभी तक नहीं मिली है।
बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई। जिसमें जीएसटी के कारण राज्यों को हो रहे आर्थिक नुकसान पर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश के कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्य के आर्थिक नुकसान से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जुलाई महीने का जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में 2241 करोड़ का भुगतान नहीं हुआ है। राज्य की आवश्यकताओं के लिए बाजार से ऋण लेने पर विचार किया जाए।
बैठक में परिषद ने कहा कि कोविड महामारी के चलते जीएसटी टैक्स में कमी आई है। राज्यों को प्रतिपूर्ति करने के लिए केंद्र सरकार ऋण नहीं लेगी। लेकिन राज्य प्रतिपूर्ति की भरपाई के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से ऋण ले सकते हैं। ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा केंद्र सरकार की ओर से दी जाएगी। ऋण की राशि और ब्याज का भुगतान करने के लिए केंद्र की ओर से प्रतिपूर्ति देने के लिए निर्धारित पांच साल की अवधि को आगे बढ़ा सकती है। बैठक में सचिव वित्त सौजन्या समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।