मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों के अनुकूल वातावरण बनाने में कई सुधार किए हैं। इन प्रयासों के चलते एक साल के भीतर नौ हजार करोड़ से अधिक का निवेश हुआ है। राज्य में स्थापित उद्योग ही हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं।
बुधवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय उद्योग मित्र समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में उत्तराखंड को एचीवर्स की श्रेणी मिली है। सरकार ने उद्योगों के लिए अवस्थापना विकास, नीति सुधार व सरलीकरण में काफी काम किया गया है। सरकार उद्योगों के अनुरूप नीतिगत व रेगुलेटरी सुधार करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक संगठनों की मांग पर उद्योगों के नक्शे राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (सीडा) के माध्यम स्वीकृत कराने के लिए मुख्य सचिव को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि एमएसएमई के तहत छोटे-छोटे औद्योगिक प्लाट को स्थानांतरण करने की प्रक्रिया को सरल किया जाए। प्लास्टिक री-साइक्लिंग व वैकल्पिक औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने की शीघ्र नीति बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा हर जिले में आवश्यकता के अनुसार लीसा डिपो बनाने का परीक्षण कर किया जाए। सौर ऊर्जा नीति में भी संशोधन किया जाए। इसके लिए उद्योगों से भी सुझाव लिए जाएं। बायोमास, इको टूरिज्म और आयुष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जरूरी सुधार किए जाएं।
133 बिंदुओं पर सुझाव मिले थे, इनमें से 87 पर कार्रवाई कर निर्णय लिए गए हैं। राज्य में केंद्र सरकार के सहयोग से कनेक्टिविटी में काफी काम हुआ है। लगभग 30 हजार करोड़ से अधिक की सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इससे राज्य में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में सीएम ने औद्योगिक विकास विभाग, सार्वजनिक उद्यम विभाग, एमएसएमई विभाग के महत्वपूर्ण शासनादेशों की संकलन पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज कुमार पांडे, अपर सचिव रोहित मीणा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।