उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के परिक्षेत्र में चार नए रूटों पर निजी वाहनों के संचालन पर एसटीए ने मुहर लगा दी है। अब यह मामला शासन के मार्फत परिवहन समझौते में शामिल होने के लिए हिमाचल प्रदेश को भेजा जाएगा। परिवहन करार होने के बाद यहां वाहनों का संचालन शुरू हो जाएगा, जिसमें देहरादून-पोंटा साहिब का महत्वपूर्ण रूट भी शामिल है।
उप परिवहन आयुक्त एवं एसटीए सचिव सनत कुमार सिंह ने बताया कि नियमानुसार 16 किलोमीटर तक तो उत्तराखंड के स्तर से ही परमिट जारी किया जा सकता है, लेकिन इससे ऊपर अगर कोई रूट हिमाचल में पड़ेगा तो इसके लिए दोनों राज्यों के बीच परिवहन करार की जरूरत होगी। दोनों राज्यों की सहमति से ही यहां वाहनों का संचालन किया जा सकता है।
इन चार रूटों पर भविष्य में चलेंगे वाहन
विकासनगर-त्यूनी-अटाल वाया मीनस मार्ग - विकासनगर से वाया मीनस त्यूनी तक कुल दूरी करीब 122 किमी है। विकासनगर से हरिपुर तक की दूरी नौ किमी है। हरिपुर से मीनस तक कुल दूरी 72 किलोमीटर है। हिमाचल के लोक निर्माण विभाग के मुताबिक, इस पूरे रूट में करीब 16 किलोमीटर इलाका हिमाचल प्रदेश का आता है।
विकासनगर से रोहड़ू वाया त्यूनी मार्ग - इस 131 किमी के रूट का 26 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश में आता है।
विकासनगर से शिमला वाया नाहन-पांवटा मार्ग - यह रूट 207 किमी का है, जिसमें 16 किमी का रास्ता उत्तराखंड में आता है जबकि 192 किमी का रास्ता हिमाचल प्रदेश में आता है।
विकासनगर से शिमला वाया मीनास-नेरवा मार्ग - यह करीब 225 किलोमीटर का रूट है। इसका 120 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश और 105 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में आता है।