उत्तराखंड में आने वाले दिनों में यातायात नियम तोड़ने पर चालान तो कटेगा, लेकिन कोई कागज हाथ में नहीं मिलेगा। इसके बजाए आपको मोबाइल एसएमएस, ई-मेल आदि माध्यमों से चालान की जानकारी आएगी और उसका भुगतान भी ऑनलाइन ही कर सकेंगे।
परिवहन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा के निर्देशों के बाद विभाग ने यह कसरत शुरू कर दी है। इसके तहत गुरुवार को एनआईसी के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी भी शामिल हुए। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि सचिव परिवहन के निर्देशों के तहत चालान काटने और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को पेपरलैस किया जाना है।
एनआईसी के अधिकारियों ने इसके लिए सॉफ्टवेयर में कुछ बदलाव करने की बात कही। आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी ने बताया कि अब इस बाबत सभी आरटीओ की प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में चालान काटने, चालान भुगतने की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा।
वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं तो मुश्किल होगा सफर
अब अगर वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होगी तो एक्सप्रेस-वे के टोल नाकों से गुजरना आसान न होगा। एक जुलाई से यह शुरुआत हो गई है। दरअसल, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर दी जा रही छूट 30 जून को खत्म हो गई। अब एक जुलाई से सख्ती शुरू हो गई है।
एक ओर जहां परिवहन विभाग लगातार अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के चालान काट रहा है तो दूसरी ओर अब एक्सप्रेस वे के सफर में भी परेशानी सामने आ सकती है।
नियमानुसार, ऐसे वाहन, जिन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होगी, उन्हें टोल प्लाजा पर रोका जा सकता है। नंबर प्लेट वाले वाहनों के मुकाबले, इनकी निकासी में देरी लग सकती है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही ऐसे वाहनों को आगे बढ़ने का मौका दिया जाएगा।