स्मार्ट स्नेक-ट्रैपिंग डिवाइस
विशेष तौर पर किया गया है डिजाइन
उन्होंने बताया कि इस डिवाइस में सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए विशेष तौर पर डिजाइन किया गया है। इसमें एक कृत्रिम शिकार, माइक्रोकंट्रोलर, जीएसएम मॉड्यूल के साथ कैमरा और इमेज प्रोसेसिंग एल्गोरिदम लगाया गया है जो बहुत सुरक्षित तरीके से सांपों को पकड़ समता है, जबकि अभी तक सांपों को पकड़ने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ स्नेक स्टीक इत्यादि का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि भारतीय वन्यजीव संस्थान और वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में डिवाइस के परीक्षण के लिए उत्तराखंड वन विभाग से अनुमति मांगी गई है ताकि डिवाइस का परीक्षण पूरा किया जा सके। इस संबंध में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने बताया कि संस्थान की ओर से प्राप्त पत्र अनुमति के लिए शासन को भेज दिया है।
ऐसे मामलों में जरूरी है मंत्रालय की अनुमति
भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) के तहत किसी भी वन्यप्राणी पर शोध अनुसंधान इत्यादि के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेना आवश्यक है। इसी क्रम में यूनिवर्सिटी की ओर से मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के माध्यम से शासन को पत्र भेजा गया है।