गोवा में ही स्कूबा डाइविंग, पैरासेलिंग, क्रूज शिप, फ्लाई बोट और कश्मीर की डल झील में शिकारा की सुविधाएं पर्यटकों को मिलती है। दोनों स्थानों पर पर्यटकों की पहली पसंद भी वही बोटें होती हैं। ऐसे में झील में इनके संचालित होने से स्थानीय लोगों को भी लाभ मिल सकता है।
अभी तक यह बोटें हो रही संचालित
टिहरी झील में वर्तमान में स्पीड बोट, पावर बोट, जेटस्की, जैट अटैक संचालित की जा रही है, जिनकी संख्या लगभग 100 है। जिन से करीब दो सौ स्थानीय लोगों की आजीविका चल रही है। पर्यटक खासतौर पर गर्मियों में बड़ी संख्या में झील में साहसिक गतिविधियों के लिए पहुंच रहे हैं।