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गंगा, भागीरथी व अलकनंदा नदियों के जल में बदलाव का राज जानेंगे वैज्ञानिक 

Mon, 03 Aug 2020 11:21 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : amar ujala
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गंगा, भागीरथी, अलकनंदा जैसी नदियों में बारिश के दौरान जल की गुणवत्ता में आए बदलाव का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। आईआईटी रुड़की और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की के वैज्ञानिकों की संयुक्त टीमें इन नदियों के जल के नमूनों का अध्ययन करेंगी। 

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वैज्ञानिकों की टीम अध्ययन के दौरान जल में पाए जाने वाले रसायनिक तत्वों के अलावा लाभकारी बैक्टीरिया के बारे में पूरा जानकारी जुटाएंगे। इसके लिए टीम बैठक कर तमाम मुद्दों पर विचार विमर्श भी कर चुकी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक नदियों के जल के नमूने लेने के बाद जहां राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान की प्रयोगशाला में जल के रासायनिक गुणों का अध्ययन किया जाएगा।

वहीं आईआईटी रुड़की की प्रयोगशाला में जल में पाए जाने वाले व लाभकारी बैक्टीरिया का अध्ययन होगा। शोध के दौरान वैज्ञानिकों की टीम इस बात का पता लगाएगी कि आखिरकार गंगा की जल में कौन से लाभकारी रासायनिक तत्व और बैक्टीरिया वायरस जाते हैं जिसकी वजह से जल लंबे समय तक खराब नहीं होता है। 

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गोमुख से हरिद्वार तक 13 स्थानों पर लिए जाएंगे नमूने 

राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरपी पांडे के मुताबिक गंगा, भागीरथी और अलकनंदा नदी के जल का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सके इसके लिए गोमुख से हरिद्वार तक 13 स्थानों पर जल के नमूने लिए जाएंगे। जल के नमूने मानसून के अलावा पूरे साल लिए जाएंगे। प्रयास होगा कि जल के नमूने हर महीने लिए जाएं और उनका अध्ययन किया जाए। 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भी ली जाएगी मदद

नदियों के जल के नमूनों का वैज्ञानिक अध्ययन करने में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञों का भी सहयोग किया जाएगा। 

नमामि गंगे परियोजना के तहत होगा अध्ययन 

वैज्ञानिकों के मुताबिक नदियों के जल का अध्ययन करने को लेकर नमामि गंगे परियोजना के तहत बजट मुहैया कराया जाएगा। बता दें कि नदियों के जल के नमूनों को लेने और उनके अध्ययन करने में ना सिर्फ वैज्ञानिकों को गोमुख से लेकर हरिद्वार तक भ्रमण करना होगा वरन इसके लिए भारी-भरकम बजट की भी जरूरत होगी। जिसके लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत बजट मुहैया कराए जाएगा। 
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