- पलायन रोकने के लिए प्रदेश में जल विद्युत और सोलर ऊर्जा से संचालित कुटीर उद्योग धंधों का जाल बिछाना ।
- प्रदेश के प्रति परिवार को प्रतिमाह 200 यूनिट बिजली मुफ्त और जल कर मुफ्त किया जाए।
- गरीबी रेखा से नीचे प्रत्येक परिवार को साल में छह गैस सिलिंडर मुफ्त।
- अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल क्षेत्र के युवाओं को प्रदेश की तरह केंद्र में भी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण।
- घने जंगलों के बीच के पर्वतीय गांवों में रहने वाले वनवासियों को जनजाति घोषित कर लाभ दिया जाए।
- गैरसैंण में अतिरिक्त मुख्य सचिव की पदस्थापना और स्थायी राजधानी की घोषणा।
- प्रदेश को तीन मंडलों में विभाजित कर गैरसैंण को नया मंडल घोषित किया जाए, जिसमें मध्य हिमालय के चार जनपदों को शामिल किया जाए।
- प्राइमरी से पोस्ट ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा दी जाए।
- पीपीपी मोड खत्म कर सरकारी अस्पतालों को सरकार चलाए। प्रदेश के हर नागरिक को आयुष्मान योजना के तहत इलाज मिले।
- नैनीताल उच्च न्यायालय की एक बेंच की स्थापना देहरादून में हो, ताकि उत्तरकाशी, पौड़ी, हरिद्वार, देहरादून के लोगों को नैनीताल न जाना पड़े।
- पट्टेधारकों और नजूल की भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया जाए।
- एक परिवार को एक निजी आवास बनाने के लिए रेत, बजरी निशुल्क दी जाए।
- रेत, बजरी खदानों के पट्टे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को दिए जाएं।
- वन कानून को लचीला बनाते हुए जंगली जानवरों से मौत होने पर 25 लाख रुपये का मुआवजा और फसल बर्बाद होने पर उसकी क्षतिपूर्ति दी जाए।
- प्रदेश में नई कृषि नीति लागू की जाए ताकि मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को लाभ मिल सके।
- केंद्र सरकार द्वारा थोपे गए किसान और मजदूर विरोधी कानूनों को वापस लेने को आंदोलन होगा।
- उच्चतम न्यायालय में विशेष याचिका दायर कर मलिन बस्तियों में रहने वालों के आशियाने बचाए जाएं।
- नौकरशाहों से किसी भी मुख्यमंत्री का चहेता बनने के बजाय लोकसेवक के रूप में काम कराया जाए।
- कानून व्यवस्था पर रोक और थानों में सत्ताधारी दलों के पदाधिकारियों की धमक बंद होनी चाहिए।
- चुने हुए प्रतिनिधियों और नौकरशाहों को सेल्फ ऑडिट की कार्यशैली को अपनाया जाए।