उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक कर्मचारी संगठन ने दावा किया कि 2021 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों व शिक्षकों के वेतन और चार प्रतिशत डीए की कटौती नहीं होगी। संगठन के मुताबिक अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी है। साथ ही कोविड की डयूटी कर रहे कार्मिकों के वेतन से भी कटौती नहीं होगी। जबकि बैठक में शामिल हुए अधिकारियों का कहना है कि सहमति नहीं बनीं बल्कि इस मांग का परीक्षण कराने का आश्वासन दिया गया।
बृहस्पतिवार को संगठन के 23 सूत्रीय मांग पत्र पर सचिवालय में हुई वार्ता के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कोविड-19 महामारी को लेकर कर्मचारियों व शिक्षकों के वेतन व डीए कटौती पर रोक लगाए जाने का मुद्दा उठाया था। संगठन के प्रांतीय महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट के मुताबिक, बैठक में सहमति बनी कि 2021 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों व शिक्षकों को वेतन और डीए कटौती से बाहर रखा जाएगा।
बिष्ट का कहना है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट से पहले जीपीएफ कटना भी बंद हो जाता है। उनके वेतन से कटौती होने से व्यावहारिक दिक्कतें पैदा हो जाएंगी। इसे लेकर शासन स्तर से जल्द आदेश जारी किया जाएगा। बैठक में आईटीडीए में कार्यरत ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजरों को पूर्व की तरह रखे जाने का निर्णय हुआ। आईटीडीए के अधिकारियों को ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजरों के सेवा संबंधी मामलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में सहमति बनी कि विभागीय स्तर पर लंबित समस्याओं के हल के लिए संबंधित सचिवों के साथ एसीएस की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें संगठन पदाधिकारियों को भी बुलाया जाएगा। राजकीय वाहन चालकों के ग्रेड वेतनमान के संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट के ढांचे के गठन को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। तय हुआ कि समस्त कर्मचारियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनने तक उनके वेतन से कोई कटौती नहीं की जाए।
आयुष्मान योजना में देहरादून सिनर्जी, कैलाश, मैक्स अस्पताल को भी जोड़ने की मांग की गई। कुमाऊं मंडल में भी उच्च स्तर के निजी अस्पतालों को योजना में शामिल करने का अनुरोध किया गया। कोविड-19 महामारी की डयूटी में लगे सभी कार्मिकों का बीमा करने पर भी सहमति बनीं। यह आश्वासन भी मिला कि प्रमोशन की शर्तों में छूट (शिथिलीकरण) का मसला कैबिनेट की आगामी बैठक में लाया जाएगा। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को स्टाफिंग पैटर्न का लाभ देने पर भी चर्चा हुई।
तय हुआ कि अन्य संवर्गों के वेतनमान का चयन चार्ट देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अंशदायी पेंशन योजना पर राष्ट्रीय नीति के अनुसार प्रदेश सरकार कार्रवाई करेगी। वैयक्ति सहायक की पदोन्नति के लिए 25 वर्ष की बाध्यता को समाप्त कर 20 साल करने व पदनाम वैयक्तिक सहायक करने का मसला बैठक में उठा। एसीपी की पुरानी व्यवस्था लागू करने का मुद्दा भी बैठक में उठा। एलटी कैडर के शिक्षकों और समायोजित पदोन्नत शिक्षकों की चयन प्रोन्नत वेतनमान के संबंध सचिव शिक्षा को संगठन से वार्ता करने के निर्देश हुए।
बैठक में मृतक आश्रित की नियुक्ति में तैनाती मानवता के आधार पर उसकी सुविधा के अनुसार दी जाए। इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। बैठक में सचिव वित्त, सचिव शिक्षा, अपर सचिव कार्मिक, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, मनोहर कुमार मिश्रा, सुनील दत्त कोठारी, बनवारी सिंह रावत, पंकज भंडारी समेत कई अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
समायोजित नहीं हो पाएंगे कंप्यूटर आपरेटर
विभागों में 15-20 साल से कार्यरत कंप्यूटर आपरेटरों को समायोजित करने का मुद्दा भी उठा। शासन ने कंप्यूटर आपरेटर के पद सृजित न होने के कारण समायोजन पर असहमति जताई। अलबत्ता सभी कंप्यूटर आपरेटरों को वर्षवार वेतन वृद्धि देने पर सहमति बनी।
ट्रांसफर एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में आएगा
बैठक में तय हुआ कि ट्रांसफर एक्ट में संशोधन का एक प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। संगठन नेताओं का कहना था कि एक्ट में अभी कई खामियां हैं। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त संगठनों से सुझाव लेकर एक्ट में संशोधन की मांग की।