फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः दो मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे सफाई कर्मचारी, ये है मांगें

Thu, 04 Mar 2021 12:33 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने दो मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि 15 मार्च से प्रदेशभर के सभी निगमों और निकायों में सफाई कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू होने जा रहा है। 

विज्ञापन


देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को विधानसभा गैरसैंण पहुंचा। उन्होंने मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री को अपनी प्रदेश स्तरीय समस्याओं को मांग पत्र दिया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें न मानी गई तो वह 15 मार्च से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर देंगे।

प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्दयेश से भी मुलाकात की। शिष्टमंडल में संघ के संस्थापक बांकेलाल, प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार, संगठन सचिव अमित कुमार, दिशांत पवार, दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


ऐसे चलेगा चरणबद्ध आंदोलन

- पहले चरण के तहत 15 मार्च को प्रत्येक शाखा, प्रत्येक निकाय के अध्यक्ष या मेयर के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेज जाएगा।
- दूसरे चरण में पांच अप्रैल से आठ अप्रैल तक तीन दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन प्रत्येक शाखा की ओर से प्रत्येक निगम, निकाय में किया जाएगा।
- तीसरे चरण के तहत 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक सफाई कर्मचारी अधिकार यात्रा के माध्यम से जनजागरुकता अभियान चलाया जाएगा।
- चौथे चरण के तहत एक मई को देहरादून में सभी सफाई कर्मचारी एकत्र होने के बाद मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे। इसके बाद भी मांग न मानी गई तो दो मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।

यह हैं मांगें

- स्थानीय निकायों सहित अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, शिक्षण संस्थाओं में सफाई की ठेका व्यवस्था को पूर्णत: खत्म किया जाए और स्थायी पदों पर भर्ती शुरू करते हुए वर्षों से कार्यरत संविदा मोहलला स्वच्छता समिति, दैनिक वेतन, आउटसोर्स, उपनल सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- 2015 में जारी शासनादेश के तहत ढांचे मे संशोधन किया जाए। सफाई कर्मचारियों या निकाय के आउटसोर्सिंग के पद के स्थान पर स्थायी पद मानक 10 हजार पर 28 सफाई कर्मचारी व वाहन चालक के आउटसोर्सिंग पद के स्थान पर स्थायी पद वाहन की उपलब्धता के आधार पर किए जाएं।
- अकेंद्रित और केंद्रित कर्मचारियों की नियमावली में संशोधन करते हुए पर्यावरण मित्रों को कनिष्ठ सहायक एवं पर्यावरण पर्यवेक्षक, सफाई निरीक्षक व चालक आदि पदों पर पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
विज्ञापन

- मृतक आश्रित नियमावली में संशोधन करते हुए पर्यावरण मित्रों के ऐसे मृतक आश्रितों को, जिनके परिवार में सरकारी सेवक हैं, को नियुक्ति प्रदान की जाए।
- वर्तमान में प्रचलित पेंशन योजना, एनपीएस के स्थान पर सफाई कर्मचारियों, निकायों की वर्ष 2005 से बंद पुरानी पेंशन योजना को दोबारा बहाल किया जाए।
- सफाई कर्मचारियों का जीवन बीमा व स्वास्थ्य बीमा किया जाए।
- सफाई कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की भांति भत्ते दिए जाएं और धुलाई भत्ता व टूल भत्तों में बढ़ोतरी की जाए।
- सफाई कर्मचारियों को आवंटित आवासों पर मालिकाना हक दिया जाए। 
- भूमिहीन वाल्मीकि समाज के लोगों का स्थायी निवास प्रमाण पत्र व जाति प्रमाण पत्र प्राथमिकता के साथ बनाए जाएं।
- विनियमितिकरण नियमावली 2013 में संशोधन करते हुए मृतक आश्रित नियमावली 1974 का लाभ दिया जाए।
- पर्यावरण मित्र पदनाम को संशोधित करते हुए सफाई सैनिक का नाम दिया जाए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें