कोरोनाकाल और लॉकडाउन के कारण खराब वित्तीय स्थिति का सामना कर रही प्रदेश सरकार ने अब विधायकों के सड़कों और पुलों के जरूरी प्रस्तावों को हरी झंडी दिखानी शुरू कर दी है। शासन में विधायकों के करोड़ों रुपये के प्रस्ताव लटके हैं, जिनकी मंजूरी को लेकर वे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से लगातार मांग उठा रहे थे।
अब सरकार की वित्तीय स्थिति में कुछ सुधार आया है तो मुख्यमंत्री ने वित्त और लोक निर्माण विभाग को प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए इशारा कर दिया है। लेकिन अभी केवल उन्हीं प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए कहा गया है, जो सर्वोच्च प्राथमिकता वाले हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावों को मंजूरी देने की कवायद शुरू हो गई है। उनके मुताबिक मार्च महीने के बाद से कोई स्वीकृति नहीं हुई है। मानसून के बाद विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से भी सड़कों के लंबित प्रस्तावों पर तेजी से काम करने को कहा गया है।
ये है योजना
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए अलग से 10-10 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया है। जिन जिन विस क्षेत्रों में वे घोषणा करते हैं, उन प्रस्तावों पर इस मद से स्वीकृतियां होती हैं।
मार्च 2020 तक वर्ष वार वित्तीय स्वीकृति
वर्ष स्वीकृति
2017-18 773.61
2018-19 798.87
2019-20 192.08
सीएम घोषणा 242.92
कुल योग 2007.48
नोट- धनराशि करोड़ में
माननीय विधायकों के प्रस्तावों को मंजूरी दी जा रही हैं। कोरोनाकाल की वजह से विलंब हुआ है। लेकिन अब प्रस्तावों का परीक्षण कर स्वीकृतियां दी जा रही हैं।
- आरके सुधांशु, सचिव, लोनिवि
मार्च के बाद से स्वीकृति नहीं हुई थी। मेरी विस के लिए तीन वर्ष में करीब 27.79 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है। कोरोना के कारण पैसे का संकट था। मुख्यमंत्री जी ने आश्वस्त किया है कि वित्तीय स्थिति में सुधार होते ही प्रस्तावों मंजूर होंगे। मेरी विस को सड़कों की मरम्मत के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृति दी गई है।
- खजानदास, विधायक, भाजपा
शासन में मेरी विस की सड़कों के करीब 22 प्रस्ताव लंबित हैं। मार्च तक करीब 29.21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी थी। इसमें मुख्यमंत्री की घोषणा के प्रस्ताव भी शामिल है। उम्मीद कर रहा हूं कि लंबित प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई।
- रामसिंह कैड़ा, निर्दलीय विधायक
मुख्यमंत्री ने विधायकों के लिए दो घोषणाएं की थी। विवेकाधीन कोष से 50 लाख रुपये और विधायकों की सिफारिश पर 10 करोड़ की सड़क देंगे। लेकिन हमारी सिफारिश पर कुछ नहीं दिया। कांग्रेस के विधायकों को नहीं देते हैं। मुख्यमंत्री के साथ विपक्ष के विधायकों की एक बैठक हुई थी। उसमें भी कोई आश्वासन नहीं दिया गया।
- मनोज रावत, विधायक कांग्रेस