उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यदि मुझ पर कोई भी आरोप साबित कर दिया तो मैं राजनीतिक जीवन से संन्यास ले लूंगी। यह कहना है महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य का। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए राज्य मंत्री ने यह बात कही।
राज्यमंत्री रेखा आर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में हुए विभिन्न मामलों को उठाते हुए कहा कि वह उन्हें इसकी याद दिलाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में स्टिंग हुआ जो पूरे देश ने देखा कितने प्यार से मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए वह कह रहे थे कि यार विभाग से मंत्री जो कमा ले, करोड़ों, अरबों मैं अपनी आंख बंद कर लूंगा।
बस किसी तरह मेरी कुर्सी बच जाए। वहीं जब सरकार बचाने की एवज में 20 से 25 करोड़ देने की बात कही जा रही थी तब उन्होंने बड़े प्यार से उत्तर दिया कि अभी आप दे दो और 29 तारीख को सरकार बनने के बाद मैं आपको 20 -25 करोड़ के साथ टॉप अप दे दूंगा।
विभाग की राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि जिस जिले में पूर्व मुख्यमंत्री ने जन्म लिया जहां से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की उसी जिले के ग्राम नैनीसार के लोगों की जमीन बिना उनसे पूछे उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय विद्यालय खोलने के नाम पर भू माफियाओं से सांठगांठ करके उन्हें कौड़ियों के भाव दे दी।
जनपद वासियों ने जब इसका विरोध किया तो उनके ऊपर लाठी डंडे बरसाने से भी गुरेज नहीं किया। राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक शराब माफिया का एकाधिकार स्थापित करने के लिए उन्होंने तानाशाही दिखाते हुए फाइल पर सीधे आदेश दे दिया कि प्रदेश में एक ही कंपनी की शराब बिकेगी। राज्यमंत्री ने एनएच घोटाला और आपदा घोटाला का भी जिक्र किया।