इस तरह अब तक 65 प्रतिशत तबादले हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में तय हुआ कि विभाग अपने स्तर पर तबादलों की संख्या निर्धारित करेंगे, लेकिन शर्त यह होगी कि जितने कर्मचारी-शिक्षक सुगम से दुर्गम में भेजे जाएंगे, उतने ही कर्मचारी पहाड़ से मैदान में आएंगे। अनिवार्य तबादलों के अलावा अनुरोध पर होने वाले तबादलों के विषय पर चर्चा की गई। विभिन्न गंभीर बीमारियों के कारण तबादलों की मांग होती है।
ऐसे तबादले स्थानांतरण अधिनियम की धारा 27 के तहत होते हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ऐसे तबादलों की सिफारिश करती है और मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद तबादले होते हैं। बैठक में धारा 27 के तहत होने वाले तबादलों के विषय में भी मंथन हुआ।
एकल अभिभावक को अनिवार्य तबादलों से छूट
बैठक में एकल अभिभावक को अनिवार्य तबादलों से छूट पर सहमति बनी। कर्मचारी संगठन इसकी मांग कर रहे थे। मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्णानंद नौटियाल ने कहा कि एकल अभिभावक पर परिवार की सभी जिम्मेदारियां होती हैं। इस निर्णय से वे अपनी नौकरी के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां भी पूरे मनोयोग से निभा सकेंगे।