प्रदेश के 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे आने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण का अनंतिम प्रस्ताव जारी हो गया है। इस पर दो से चार अगस्त के बीच आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। छह को अंतिम आरक्षण जारी होगा।
पंचायती राज विभाग ने पहली बार पंचायतों में ओबीसी आरक्षण के लिए गठित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की सिफारिशें लागू की हैं। इस हिसाब से ग्राम पंचायत के प्रधान से लेकर जिला पंचायत तक पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया है। सचिव पंचायती राज चंद्रेश कुमार की ओर से जारी आरक्षण प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि ओबीसी की सीट आबादी के हिसाब से आरक्षित की गई है। वर्ष 2019 में पिथौरागढ़ जिला पंचायत की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित की गई थी। इस बार आबादी के हिसाब से ऊधमसिंह नगर जिला पंचायत की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित है।
2019 के मुकाबले इस बार महिला जिलाध्यक्षों की संख्या में एक सीट की कमी आई है। लिखित आपत्तियां कार्यालय-सचिव, पंचायतीराज विभाग, उत्तराखंड शासन, कक्ष संख्या-19, सोबन सिंह जीना भवन, सचिवालय परिसर, 04-सुभाष मार्ग, देहरादून पर दो से चार अगस्त के बीच भेजी जा सकती हैं। पांच को इनका निस्तारण होगा। छह अगस्त को आरक्षण का अंतिम प्रकाशन होगा।
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