बीआरओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मलारी से सुमना (चमोली जिले तक) तक सड़क बनी हुई है। अब सुमना से टोपीढुंगी (पिथौरागढ़) तक मलारी-मिलम ट्रैक को सड़क में तब्दील कर करीब 72 किमी सड़क बनाई जाएगी।
केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसी वर्ष सुुमना से पिथौरागढ़ के मिलम तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह सड़क 11400 फीट से 15000 फीट की ऊंचाई पर निर्मित होगी।
सुमना से टोपीढुंगी तक सड़क बनने से नीती घाटी में पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ जाएंगी। प्रधान संगठन के जिला मंत्री व कागा गांव के प्रधान पुष्कर सिंह राणा का कहना है कि यह सड़क नीती घाटी में पर्यटन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। पर्यटन के माध्यम से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही भविष्य में यह सड़क कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।