श्रमिकों को कोविड कर्फ्यू के दौरान राशन किट बांटने को लेकर उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव में ठन गई है। अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने मुख्य सचिव को सचिव मधु नेगी चौहान के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
कर्मकार बोर्ड एक बार फिर विवादों में है। इस बार विवाद पैदा हुए हैं अध्यक्ष और सचिव के बीच तालमेल न होने के कारण। अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने मुख्य सचिव ओम प्रकाश को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सचिव न तो किसी भी मुद्दे पर उनसे सलाह-मशविरा करती हैं और न ही बोर्ड की ओर से लिए गए फैसलों पर अमल कर रही हैं।
उनका कहना है कि लाखों श्रमिकों के हित में बोर्ड बैठक में राशन किट बांटने का फैसला लिया गया था लेकिन सचिव ने इस फैसले पर आज तक अमल नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कर्मचारी को बोर्ड ने निलंबित किया था, उसी से वर्तमान सचिव कामकाज करा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि 14 मई को बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी लेकिन सचिव ने उसमें हिस्सा नहीं लिया है। सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने पूर्व में उन्हें चेतावनी जारी की थी लेकिन उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है। मामले में पक्ष जानने के लिए सचिव मधु नेगी चौहान को फोन किया गया। उन्हें एसएमएस भी किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
श्रम मंत्री केवल चर्चा कर सकते हैं
बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने अपने शिकायती पत्र में श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिनियम के अंतर्गत बोर्ड के कार्यकलापों पर श्रम मंत्री केवल चर्चा कर सकते हैं। अप्रत्यक्ष रूप से उन्होंने सचिव पर यह भी आरोप लगाए हैं कि वह उनसे दिशा-निर्देश लेने के बजाए कहीं और से निर्देश ग्रहण कर रही हैं।