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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में बिजली का नया कनेक्शन लेने वालों को देना होगा दोबारा पैसा

Fri, 18 Dec 2020 12:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में बीते 15 दिन के भीतर बिजली का नया कनेक्शन लेने वालों को अब अलग से पैसा जमा कराना होगा। दरअसल, विद्युत नियामक आयोग की ओर से कनेक्शन की दरों में जो बढ़ोतरी गई थी, उसे सॉफ्टवेयर में अपडेट करने के लिए पावर कारपोरेशन को 15 दिन का समय लगा है।

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उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने 29 नवंबर से प्रदेशभर में विद्युत आपूर्ति संहिता अधिनियम 2020 लागू किया था। इसके तहत बिजली का नया कनेक्शन लेने की दरें बढ़ा दी गई थी। यानी एक किलोवाट से चार किलोवाट के बीच का कनेक्शन जहां पहले 600 रुपये में मिलता था, वह अब 1000 रुपये में मिलता है। इसमें सिक्योरिटी भी 400 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी गई थी।

वहीं इस लोड तक के कॉमर्शियल कनेक्शन की दरें भी 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई थी। इसी प्रकार, 75 किलोवाट तक के घरेलू और कॉमर्शियल कनेक्शन की दरें भी बढ़ा दी थीं। आयोग ने तो 29 नवंबर से प्रदेशभर में यह दरें लागू कर दीं लेकिन यूपीसीएल इन्हें लागू नहीं कर पाया।
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इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि यूपीसीएल का सॉफ्टवेयर उस हिसाब से अपडेट नहीं हो पाया था। लिहाजा, यूपीसीएल ने पुरानी दरों पर ही 13 दिसंबर तक नए कनेक्शन दिए हैं। 14 दिसंबर को सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद नई दरें लागू की गईं। यानी 15 दिनों तक प्रदेशभर में उपभोक्ताओं ने पुरानी दरों पर बिजली के कनेक्शन लिए हैं।

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अब इतना पैसा और देना होगा

चूंकि आपूर्ति संहिता अधिनियम लागू हो चुका था, इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने पुरानी दरों 29 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच कनेक्शन लिए हैं, उन्हें अब बाकी पैसा जमा कराना होगा। अगर किसी उपभोक्ता ने एक से चार किलोवाट का कनेक्शन लिया है तो उसे 600 रुपये अधिक जमा कराने होंगे।

इसी प्रकार, अगर किसी उपभोक्ता ने चार किलोवाट से दस किलोवाट के बीच कनेक्शन लिया होगा तो उसे 700 रुपये अतिरिक्त जमा कराने होंगे। कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए यह दरें अधिक हैं। अगर किसी उपभोक्ता ने दस किलोवाट से 25 किलोवाट का कनेक्शन लिया होगा तो उसे अब 1700 रुपये, 25 किलोवाट से 50 किलोवाट वालों को 2200 रुपये, 50 किलोवाट से 75 किलोवाट वालों को 3200 रुपये अतिरिक्त जमा कराने होंगे। यह पैसा बिजली के बिल में जुड़कर नहीं आएगा बल्कि अलग से जमा कराना होगा।

नियामक आयोग ने जिस तिथि से विनियम लागू किया है, उसी तिथि से बिजली के नए कनेक्शन के दाम भी बढ़ गए हैं। चूंकि सॉफ्टवेयर अपडेट होने में समय लगता है, इसलिए इस दौरान जो भी कनेक्शन पुरानी दरों पर हुए होंगे, उन्हें नियामक आयोग के नियमानुसार नई दरों के हिसाब से ही भुगतान करना होगा।
-एके सिंह, निदेशक एचआर, यूपीसीएल
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