चूंकि आपूर्ति संहिता अधिनियम लागू हो चुका था, इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने पुरानी दरों 29 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच कनेक्शन लिए हैं, उन्हें अब बाकी पैसा जमा कराना होगा। अगर किसी उपभोक्ता ने एक से चार किलोवाट का कनेक्शन लिया है तो उसे 600 रुपये अधिक जमा कराने होंगे।
इसी प्रकार, अगर किसी उपभोक्ता ने चार किलोवाट से दस किलोवाट के बीच कनेक्शन लिया होगा तो उसे 700 रुपये अतिरिक्त जमा कराने होंगे। कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए यह दरें अधिक हैं। अगर किसी उपभोक्ता ने दस किलोवाट से 25 किलोवाट का कनेक्शन लिया होगा तो उसे अब 1700 रुपये, 25 किलोवाट से 50 किलोवाट वालों को 2200 रुपये, 50 किलोवाट से 75 किलोवाट वालों को 3200 रुपये अतिरिक्त जमा कराने होंगे। यह पैसा बिजली के बिल में जुड़कर नहीं आएगा बल्कि अलग से जमा कराना होगा।
नियामक आयोग ने जिस तिथि से विनियम लागू किया है, उसी तिथि से बिजली के नए कनेक्शन के दाम भी बढ़ गए हैं। चूंकि सॉफ्टवेयर अपडेट होने में समय लगता है, इसलिए इस दौरान जो भी कनेक्शन पुरानी दरों पर हुए होंगे, उन्हें नियामक आयोग के नियमानुसार नई दरों के हिसाब से ही भुगतान करना होगा।
-एके सिंह, निदेशक एचआर, यूपीसीएल