हरिद्वार जिले में अब कोई पशुवधशाला (स्लॉटर हाउस) नहीं चलेगी। राज्य सरकार ने बुधवार को हरिद्वार जिले के सभी निगम, पालिका और पंचायतों को पशु वधशालाविहीन क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ पूर्व में जारी सभी अनापत्तियों (एनओसी) को भी निरस्त कर दिया गया।
हरिद्वार में पशु वधशाला का मामला लंबे समय से चल रहा है। हाईकोर्ट में भी इसे लेकर याचिका दायर हुई थी। इस क्रम में शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली ने हरिद्वार के निगम, पालिका और पंचायत क्षेत्रों को वधशालाविहीन घोषित कर दिया। सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 429 क और नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 237 क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हरिद्वार जिले के सभी निकायों में पशु वध शालाओं के संचालन के लिए दी गई अनापत्तियां निरस्त करने की स्वीकृति दी गई है।
इस मामले में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और क्षेत्रीय विधायकों ने मुख्यमंत्री से एक मार्च को अनुरोध भी किया था। उनका कहना था कि हरिद्वार धर्मनगरी देश की अध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी है। इसलिए यहां स्लॉटर हाउस का कोई औचित्य नहीं है।
वहीं हरिद्वार को स्लाटर हाउस से मुक्त रखने के सरकार के आदेश पर भाजपाइयों ने खुशी जताई है। भाजपा मंडल अध्यक्ष अंकित कपूर, भाजपा नेता जमीर हसन अंसारी, मास्टर नागेंद्र कुमार आदि ने कहा कि हरिद्वार हिंदुओं के लिए एक पूजनीय स्थान है। ऐसे में हरिद्वार जिले को स्लाटर हाउस से मुक्त रखने का आदेश खुशी देने वाला है। भाजपा नेता जमीर हसन अंसारी ने बताया कि वह 2017 से स्लॉटर हाउस का विरोध करते रहे हैं। इस मामले में न्यायालय की भी शरण ली गई थी। अब शासन ने जो निर्णय लिया है, वह स्वागत योग्य है।