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ऑनलाइन गेम का दीवानापन बच्चों से करा रहा अपराध, पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे अभिभावक

Thu, 03 Dec 2020 11:54 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मोनू शर्मा, अमर उजाला, रुड़की
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
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ऑनलाइन गेम की दीवानगी मासूम बच्चों को अपराध की तरफ धकेल रही है। बच्चे ऑनलाइन गेम खेलने के लिए अभिभावकों का एटीएम कार्ड चोरी कर खाते से रकम साफ कर रहे हैं।

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बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेम की लत से जहां वह चिड़चिड़े हो रहे हैं, वहीं ज्यादा डराने धमकाने पर अक्रामक भी हो रहे हैं। ऐसी तमाम शिकायतें पुलिस के पास पहुंच रही हैं, जिसमें वह पुलिस से शिकायत कर केस दर्ज नहीं करने, बल्कि उन्हें डराने धमकाने की गुहार लगा रहे हैं।

कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ा है। खाली समय में बच्चों का दोस्त मोबाइल ही बना। बच्चे पूरा समय मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलते हुए निकाल रहे हैं। इसी के चलते बच्चों को आनॅलाइन गेम खेलने की लत लग गई है।

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पुलिस के पास पहुंच रही अभिभावकों की शिकायत

इसकी तस्दीक पुलिस के पास पहुंच रही अभिभावकों की शिकायत कर रही है। अभिभावकों शिकायत कर रहे हैं कि उनके बच्चे को लॉकडाउन में ऑनलाइन गेम खेलने की लत पड़ गई है।

ऑनलाइन गेम खेलने के लिए उनके कदम अपराध की तरफ बढ़ रहे हैं। बच्चे ऑनलाइन गेम खेलने में लगने वाले शुल्क के लिए एटीएम कार्ड चोरी कर खाते से रकम निकाल रहे हैं।
 
रुड़की पुलिस के पास छह माह में ऐसी तमाम शिकायतें कई बच्चों के अभिभावकों ने की है। शिकायत करने के बाद अभिभावक बच्चों पर कार्रवाई करने की बात पर अपने कदम पीछे हटा लेते हैं। सिर्फ बच्चे को डराने की फरियाद पुलिस से कर रहे हैं। 

दादा के खाते से सवा लाख रुपये निकाल लिए

केस नंबर एक - सिविल लाइंस निवासी एक बच्चे ने ऑनलाइन गेम खेलने को मोबाइल खरीदने के लिए अपने दादा के खाते से सवा लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद उसने मोबाइल और अन्य सामान खरीदा। दादा पासबुक में एंट्री कराने पहुंचे तो रकम निकालने का पता लगा। बाद में पता चला कि पोते ने ही यह रकम खाते से निकाली है।

केस नंबर दो - गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी निवासी एक महिला ने पुलिस से शिकायत करते हुए बताया कि उनका बेटा 14 साल का है और उसे मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने की लत पड़ गई है। उससे मोबाइल छीन लिया तो उसने पर्स से दस हजार चोरी कर नया मोबाइल ले लिया। पुलिस ने कार्रवाई की बात कही तो महिला ने सिर्फ डराने की बात कही।

केस नंबर तीन - गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक महिला पुलिस के पास पहुंची। महिला ने बताया कि उसके नाबालिग बेटे को मोबाइल पर गेम खेलने की लत लग गई है। एक दिन उनके बेटे के मोबाइल पर नजर पड़ी तो होश उड़ गए। वह मोबाइल में अश्लील मूवी देख रहा था। उन्होंने डांटकर मोबाइल छीन लिया तो घर में रखे रुपये चोरी कर नया मोबाइल खरीद ले आया। 
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ऐसे लगता है ऑनलाइन गेम में शुल्क

पुलिस ने बच्चों से ऑनलाइन गेम खेलने की बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि कई गेम ऐसे हैं, जिन्हें प्ले स्टोर से डाउनलोड करने से पहले ही शुल्क जमा करना पड़ता है।

कुछ गेम में एक या दो स्टेज फ्री हैं। अगली स्टेज खेलने के लिए पैसा जमा करना पड़ता है। जैसे गन, बंदूक, तोप और कारतूस खरीदने के लिए शुल्क जमा करना पड़ता है।

पुलिस की ओर से ऐसे बच्चों की काउंसिलिंग की जाती है। बच्चे को समझाया जाता है कि ऐसा करना गलत है। अगर वह ऐसा करेंगे तो भविष्य खराब हो जाएगा। काउंसिलिंग से बच्चे समझ जाते हैं। इसके बाद उनकी कोई शिकायत नहीं आती है।
- एसके सिंह, एसपी देहात
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