वन संपदा की रक्षा करना वन अधिकारियों का पहला कर्तव्य है। देश दुनिया में जिस तरीके से पर्यावरण में बदलाव देखने को मिल रहा है उसे देखते हुए वनाधिकारियों की जिम्मेदारियां और अधिक बढ़ गई हैं। पर्यावरण के साथ ही वन्यजीवों के संरक्षण में वन विभाग वन विभाग के अधिकारियो सदैव तत्पर रहना चाहिए।
उक्त बातें वन महानिदेशक एवं वन , पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विशेष सचिव संजय कुमार ने कही। वन महानिदेशक संजय कुमार केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा में आयोजित दीक्षांत समारोह में बिहार, हिमाचल, मध्य प्रदेश, मिजोरम और उतर प्रदेश के प्रशिक्षण लेने वाले वनाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चुनिंदा अधिकारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। दीक्षांत समारोह में डीजीआरटी निदेशक प्रिया रंजन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक भारत ज्योति, भारतीय वन सर्वेक्षण के महानिदेशक पंकज अग्रवाल, आईसीएफआरई के महानिदेशक व वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक अरुण सिंह रावत, वन शिक्षा निदेशालय के निदेशक एवं केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के प्रधानाचार्य कुणाल सत्यार्थी, हिमाचल प्रदेश की पीसीसीएफ डॉ सविता, बिहार के पीसीसीएफ दीपक कुमार सिंह, मध्य प्रदेश के पीसीसीएफ रमेश कुमार गुप्ता, उतर प्रदेश के पीसीसीएफ सुनील पांडे, मिजोरम के पीसीसीएफ लियन रावला समेत कई आला अधिकारी शामिल हुए।
दीक्षांत समारोह में इन अधिकारियों को किया गया सम्मानित
1-- धर्मचंद-- हिमाचल प्रदेश-- पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का स्वर्ण पदक
2- धर्मचंद --- हिमाचल प्रदेश--- वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का उत्कृष्ट ऑलराउंडर अधिकारी प्रशिक्षणार्थी वन विद रजत पुरस्कार
3-- लवनापरी- मिजोरम -- वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का वन प्रबंधन एवं कार्य योजना में कुशलता के लिए रजत पदक
4 धर्मचंद-- हिमाचल प्रदेश--- पारिस्थितिकी में कार्यकुशलता के लिए रजत पुरस्कार और केंद्रीय राज्य वन सेवा संगठन पुरस्कार
5 अमित कुमार एवं वानललपुनपुई-- बिहार एवं मिजोरम --- आरसी कौशिक पुरस्कार
6- वानललपुनपुई - मिजोरम- वन सुरक्षा एवं जनजातीय कल्याण के लिए पी श्रीनिवास पुरस्कार