वन विकास निगम की ओर से दिए गए सुझाव
- पूरे राज्य में सभी स्थलों से निकलने वाले खनिजों की मूल रॉयल्टी को प्रति कुंतल सात रुपये तक किया जा सकता है।
- जिला खनिज न्यास में अशंदान रॉयल्टी को 15 प्रतिशत किया जा सकता है।
- क्षतिपूरक पौधरोपण में अशंदान रॉयल्टी को 10 प्रतिशत किया जा सकता है।
- सीमांकन एवं सुरक्षा में वन विभाग का अशंदान 0.25 रुपये प्रति कुंतल किया जा सकता है।
- वन विकास निगम परिचालन व्यय में 0.25 रुपये प्रति कुंतल कम करने पर सहमत है।
- वन विभाग की ओर से रोड फीस 25 प्रतिशत कम करने पर विचार किया जा सकता है।
उप खनिजों की विक्रय दरें राजस्व की मदें, वन विभाग की मदें, वन विकास निगम की मदें, जीएसटी और आयकर को जोड़कर निर्धारित की जाती हैं। वन अधिनियम की शर्तों को पूरा करने के साथ इस तरह से वन विकास निगम की दरें बढ़ जाती हैं। हम इन दरों को कैसे कम कर सकते हैं, इसके तमाम पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। शीघ्र ही इस संबंध में फैसला लिया जाएगा।
- आरके सुंधाशु, प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण
खनन की रॉयल्टी में एकरूपता लाने के लिए शासन स्तर पर वन विभाग के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। जिसमें वन विभाग से वन विकास निगम की दरों में संशोधन पर चर्चा की जा रही है। रॉयल्टी में एकरूपता आने से आम लोगों को इसका लाभ मिलेगा और राजस्व में भी वृद्धि होने का अनुमान है।
- पंकज कुमार पांडेय, सचिव, खनन