अब वृद्ध, दिव्यांग पेंशनरों को जीवन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दर नहीं भटकना पड़ेगा। एक कॉल पर डाकिया घर आकर प्रमाणपत्र बनाएगा। डाक विभाग की ओर से देहरादून समेत अन्य शहरों में जल्द सेवा शुरू की जाएगी। पेंशनरों को पेंशन जारी रखने के लिए जीवित होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है।
यह प्रमाणपत्र भविष्य निधि कार्यालय, अधिकृत पेंशन संवितरण व जन सुविधा केंद्रों में बनते हैं। इसके लिए पेंशनर का मौजूद रहना अनिवार्य है। केंद्रों में भीड़ अधिक होने के कारण पेंशनरों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। फजीहत से बचने के लिए पेंशनर प्रमाणपत्र बनवाने से बचते हैं।
ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त मनोज कुमार यादव ने कहा कि अधिक संख्या में पेंशनर जीवन प्रमाणपत्र जमा नहीं कराते हैं। इनमें कई शारीरिक अक्षम व अस्वस्थता के कारण कार्यालय आने-जाने में असमर्थता जताते हैं। ऐसे पेंशनर अब घर बैठे डाकिये की मदद से जीवन प्रमाणपत्र बनवा सकेंगे।
ऐसे करना होगा आवेदन
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) की ओर से एक डोर स्टेप सर्विस डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट योजना शुरू की गई है। इसके लिए पोस्टइन्फो एप्लिकेशन डाउनलोड कर या http//ccc.cept.gov.in/covid/request.aspx वेबसाइट पर जाकर नाम, पता और अन्य जानकारी भर कर पंजीकरण कराना होगा।
इसके बाद आपके घर के नजदीकी डाकघर से डाकिया आपके घर आएगा। डाकिया के पास आधार बेस्ड बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर होगा, जिसकी मदद से मौके पर ही डीएलसी जनरेट होगा। इससे प्रमाणपत्र आईडी मोबाइल नंबर पर आ जाएगी। पेंशनर की आईडी पेंशन विभाग के पास अपलोड हो जाती है।