देहरादून जिले में अति कुपोषितों की वास्तविक स्थिति क्या है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उनका परीक्षण कर रही हैं या नहीं। उन्हें सही डाइट मिल रही है या नहीं। जांच में कोई लापरवाही तो नहीं बरती जा रही है आदि को लेकर अब एप के जरिये 124 अति कुपोषितों की निगरानी होगी। ऐसा होने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय होगी।
सीडीओ नीतिका खंडेलवाल ने बताया कि जिले में कुपोषण की निगरानी एप के जरिये की जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एप पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कई तरह की सूचनाएं अपलोड करनी होंगी। मौके पर ली गई सेल्फी भी अपलोड करनी होगी।
इससे लापरवाही बरतने वालों पर भी नजर रखी जा सकेगी। एप में पोषाहार स्टाक, पोषाहार वितरण, टीकाकरण पंजिका, गृह भ्रमण पंजिका आदि की जानकारी होगी। जिससे कभी भी किसी भी अति कुपोषित के बारे में पूरी जानकारी हासिल की जा सकेगी। साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि किस पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।
हमारा प्रयास है कि जिले में कोई भी अति कुपोषित न रहे। इसी को ध्यान में रखते हुए एप बनाने की योजना है। जिससे 124 अति कुपोषितों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय हो। अति कुपोषितों की जांच, डाइट और मौजूदा स्टेटस की जानकारी मिल सके।
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नितिका खंडेलवाल, सीडीओ