अब प्रदेश के किसी भी जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने के बावजूद ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होगी। वहीं, कोविड की जांच का दायरा बढ़ाते हुए पांच और जगह जल्द आरटीपीसीआर टेस्ट शुरू होने जा रहे हैं।
राज्य सरकार की ओर से गठित कोविड सलाहकार एवं नीति निर्धारण समिति के अध्यक्ष एवं एचएनबी मेडिकल विवि के कुलपति प्रो. हेमचंद्र ने मंगलवार को अमर उजाला से बताचीत में कहा कि कोविड महामारी के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी मजबूत कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सभी जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगा दिए गए हैं ताकि अगर अचानक ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो जाए तो इस कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन की सप्लाई को सुचारू रखा जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून, एम्स ऋषिकेश, हल्द्वानी, श्रीनगर, अल्मोड़ा, रुद्रपुर और मुक्तेश्वर में आरटीपीसीआर टेस्ट शुरू किए जा चुके हैं।
अब कोविड जांच का दायरा और बढ़ाते हुए जल्द ही पिथौरागढ़, कुमाऊं विवि, गढ़वाल विवि, मेला स्थल हरिद्वार और सेलाकुई स्थित एचएनबी मेडिकल विवि के नए परिसर में आरटीपीसीआर जांच शुरू होने जा रही है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि कोविड से पहले जहां अस्पतालों में 20 से 30 फीसदी बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई उपलब्ध थी, अब यह आंकड़ा बढ़कर 70 से 80 फीसदी पर पहुंच गया है।