छात्र-छात्राएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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प्रदेश के विश्वविद्यालयों के संचालन में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था में एकरूपता के लिए अंब्रेला एक्ट के बाद अब मॉडल परिनियमावली तैयार की जा रही है। जिसे तैयार किए जाने के बाद मंजूरी के लिए कैबिनेट में लाया जाएगा।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों के लिए एक्ट बनाने वाली समिति में शामिल प्रोफेसर केडी पुरोहित के मुताबिक विश्वविद्यालयों की सुविधा के लिए मॉडल परिनियमावली तैयार की जा रही है। जिसके जरिये यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन शर्तों के आधार पर विश्वविद्यालय महाविद्यालय को संबद्धता दे सकते हैं।
इसके अलावा कुलपति एवं कुलसचिव के अधिकार क्या होंगे। इसके अलावा एडमिशन फीस छात्र-शिक्षक अनुपात के बारे में भी बताया जाएगा। प्रोफेसर केडी पुरोहित के मुताबिक यूजीसी की ओर से कोई नई गाइडलाइन जारी की जाती है तो उसे भी इसमें शामिल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि मॉडल परिनियमावली के तैयार होने के बाद उसे कैबिनेट में लाया जाएगा।