मंगलवार को इस मामले को लेकर हरक सिंह का रुख बदला हुआ नजर आया। इससे पहले एक बार हरक ने कहा था कि बोर्ड का अध्यक्ष बदलने का सीएम को भी अधिकार नहीं है। उस समय उनका तर्क था कि बोर्ड का अध्यक्ष कौन होगा यह बोर्ड तय करता है। इसके बाद सोमवार को जायका परियोजना के समारोह में उन्होंने कहा था कि इस मामले में फुर्सत से वे सीएम से बात करेंगे।
बुधवार को कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के विभागों की समीक्षा भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कर रहे हैं। हरक सिंह के पास श्रम के अलावा, वन, आयुष सहित अन्य कई विभाग हैं। इसमें वन और श्रम महत्वपूर्ण हैं और कैंपा के तहत 40 हजार रोजगार की बात सीएम पहले कर चुके हैं। इसी तरह श्रम विभाग में कर्मकारों को लाभ देने, श्रम बोर्ड के विवाद आदि पर भी बात हो सकती है।