तीन दिन तक बंधक बनाकर पीटने का आरोप
कम दाम पर गेहूं खरीदवाने के नाम पर गदरपुर के कुछ आढ़तियों पर हरियाणा के यमुनानगर जिले के अनाज कारोबारी को तीन दिन तक बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगा है। मारपीट के साथ ही पीड़ित से साढ़े चार लाख रुपये वसूले गए। पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर यमुनानगर पुलिस ने गदरपुर पुलिस से संपर्क साधा था। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने व्यापारी को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाने के बाद उसके बयान दर्ज कर पत्नी को सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार रालौर जिला यमुनानगर के व्यापारी रणजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि गदरपुर के कुछ आढ़तियों ने वर्ष 2019 में उसके भाई सुरजीत सिंह के साथ गेहूं खरीद का सौदा किया था। भुगतान की गारंटी के लिए सुरजीत ने पांच चेक दिए थे। पिछले साल पूरा भुगतान करने के बाद सुरजीत ने पांच चेक वापस मांगे तो व्यापारी टालमटोल करने लगे।
28 अप्रैल को गदरपुर के एक व्यापारी ने उसे फोन कर सस्ते में गेहूं खरीदने के लिए रामपुर की मिलक अनाज मंडी बुलाया था। वह घर से ढाई लाख रुपये लेकर किराए की गाड़ी से बताए गए व्यापारी के बताए पते पर पहुंचा था। इसके बाद वहां मौजूद गदरपुर के चार आढ़तियों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठा कर अगवा कर लिया। तीन दिन तक उसको बंधक बनाकर मारपीट की गई और धमकाया गया।
इतना ही नहीं उसके रुपये भी छीन लिए गए और रुपयों की मांग की गई। उन्होंने अपनी डॉक्टर बेटी को फोन कर उसके गूगल अकाउंट से दो बार में 50- 50 हजार और एक लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। इसके बाद उस पर घर से रुपये मंगाने का दबाव बनाया। पत्नी को जब शक हुआ तो उन्होंने जिला यमुनानगर के थाने में पति के अपहरण की शिकायत दी।
यमुनानगर पुलिस ने गदरपुर पुलिस से संपर्क साधकर मामले से अवगत कराया था। स्थानीय पुलिस का दबाव बढ़ने पर गदरपुर के व्यापारी ने शुक्रवार की देर शाम उसे पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय पुलिस की सूचना पर यमुनानगर से उसकी पत्नी गदरपुर पहुंची थी।
पुलिस ने उसका बयान लेकर उनकी पत्नी की सुपुर्दगी में वापस भेज दिया। इसके साथ पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर मुकदमा लिखने से इनकार कर दिया। इधर, एएसपी प्रमोद कुमार ने मामला संज्ञान में होने से इनकार किया। वहीं, सीओ दीपशिखा अग्रवाल ने फोन रिसीव नहीं किया।