वेतन के लिए शिक्षक कर चुके हैं आंदोलन
अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षक वेतन न मिलने से कई बार आंदोलन कर चुके हैं। इस बार भी करीब तीन महीने तक वेतन न मिलने से गुस्साए हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ग्रूटा) समेत शिक्षक संगठनों ने आंदोलन करने के साथ परीक्षाओं का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद बीती 22 मई को बजट का शासनादेश जारी हुआ तो शिक्षकों ने राहत की सांस ली। लेकिन एमकेपी पीजी कॉलेज और केएल डीएवी के शिक्षकों व कर्मचारियों को फिर भी वेतन नहीं मिला।
वेतन भुगतान के संबंध में 10 से अधिक पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन शासन उन पत्रों को सिर्फ अनदेखा करने काम कर रहा था। चार महीने से वेतन न मिलने से शिक्षकों व कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था। अब 10 जुलाई को कोर्ट में तारीख है।
-एमपी सिंह, प्राचार्य केएल डीएवी पीजी कॉलेज, रुड़की
महाविद्यालय के 45 शिक्षकों व कर्मचारियों को बीते चार महीने से वेतन नहीं मिला। मार्च फाइनल के बाद अब बच्चों के एडमिशन का समय है, लेकिन वेतन न मिलने से चिंता दोगुनी हो गई है। अगर अब भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो हम भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
- डॉ. सरिता कुमार, प्राचार्य, एमकेपी पीजी कॉलेज