फरार हुई लुटेरी दुल्हन ने वर पक्ष के सभी लोगों को हैरत में डाल दिया। तिलक होते ही दुल्हन के हाथ में रुपये थमाना उन्हें महंगा पड़ गया। पूर्व प्लानिंग के तहत एक महिला वधू को लेकर गांधी पार्क से बाहर निकली। जहां पर पहले से बाइक सवार एक युवक तैयार खड़ा था।
दोनों के बाइक पर बैठते ही बिचौलिया महिला भी बाहर निकलकर भागने का प्रयास करने लगी तो शक होने पर उसे पकड़ लिया गया। दूल्हे मनोज की दीदी अनीता ने बताया कि दोनों के शादी काशीपुर में होनी थी, लेकिन वधू वक्ष ने अपनी प्लानिंग के तहत रुद्रपुर में शादी करने के लिए कहा। शादी का स्थान बदलते ही उसे गड़बड़ी का अंदेशा हो गया था।
उसका कहना है कि रुद्रपुर में वह अपने भाई की शादी मंदिर में कराना चाहती थी, लेकिन वधू पक्ष की बिचौलिया महिला ने मंदिर पर शादी करने से पुलिस की कार्रवाई का डर दिखा दिया। इसके बाद उन्हें गांधी पार्क में ले जाया गया। वधू के लिए उनके पास न तो कोई कपड़े थे और न ही सोने, चांदी के जेवरात।
दुल्हन के फरार होते ही वर पक्ष के लोग बिचौलिया महिला को पकड़कर डीडी चौक स्थित ट्रैफिक बूथ पर पहुंचे और पुलिस कर्मियों को सूचना दी। मौके पर सीपीयू, पुलिस व ट्रैफिक तीनों के जवान होने के बाद भी किसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
इसके अलावा पीड़ित पक्ष ने कोतवाली में भी सूचना दी तो वहां से भी पुलिस कर्मी समय नहीं पहुंचे। घटना के सवा घंटा बाद बिचौलिया महिला को लेने के लिए डायल 112 के ड्राइवर को भेज दिया गया। लेकिन कोई एसआई या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आया।
घटनाक्रम के अनुसार कब क्या हुआ
10:00 बजे सुबह- दोनों पक्ष डीडी चौक पर पहुंचे
11:00 बजे- तक शादी कहां की जाए इस पर बात होती रही
11:30 बजे- वधू पक्ष के लोगों ने गांधी पार्क में शादी करने की बात की लेकिन वक्ष पक्ष मंदिर में शादी करने की जिद पर अड़ा
12:00 बजे- दोनों की रजामंदी हुई और गांधी पार्क में पहुंचे
12:30 बजे- दोनों पक्षों ने एकसाथ बैठकर नाश्ता किया और एक-दूसरे के बारे में बातचीत हुई
01:00 बजे - शादी की रस्म शुरू हुई
01:30 बजे- दुल्हन के हाथ में रुपये थमाए
02:00 बजे- दुल्हन पकड़े खरीदने की बात कहकर बाइक से फरार हो गई।