उद्यमियों का कहना है कि 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओें को रोजगार देने में उन्हें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन उस हिसाब से कुशल युवा होने चाहिए। प्रशिक्षित युवाओं की प्रदेश में कमी है।
55 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश है इस समय
2003 के विशेष औद्योगिक पैकेज ने प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र की सूरत ही बदल दी थी। इस समय करीब 55 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश है और उद्योगों में ही विकास दर सबसे अधिक है।
चुनौती : उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित युवाओं को करना होगा तैयार
उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित युवाओं को करना तैयार होगा। उद्योग भी इसकी मांग करते रहे हैं। आईटीआई और पॉलिटेक्निक को अपग्रेड करने की भी जरूरत है। कुछ आईटीआई इस समय उद्योगों ने गोद भी ली हुई हैं और विश्व बैंक की मदद से प्रदेश में कौशल विकास की परियोजना भी लागू है।
प्रवासियों को भी होगा फायदा
प्रदेश सरकार के इस फैसले को पीएम मोदी के लोकल के लिए वोकल के आह्वान के रूप में भी देखा जा सकता है। कोरोना संक्रमण की वजह से करीब तीन लाख प्रवासी लौटे थे, जिनमें से 71 प्रतिशत अभी प्रदेश में ही रोजगार खोज रहे हैं। ये क्षेत्र विशेष में दक्ष भी हैं। प्रदेश सरकार अगर जल्द यह व्यवस्था कर पाई तो इन प्रवासियों को भी फायदा होगा।