भू-वैज्ञानिक की सलाह
प्रशासन ने वर्ष 1997 में मस्ताड़ी गांव का भूसर्वेक्षण कराया था। तब भूवैज्ञानिक डीपी शर्मा ने गांव में सुरक्षात्मक कार्यों की सलाह दी थी। उन्होंने प्रशासन को सौंपी रिपोर्ट में कहा था कि भू-धंसाव वाले क्षेत्र में भूमि संरक्षण विभाग से सर्वेक्षण कराकर चेकडैम, सुरक्षा दीवार का निर्माण व पौधरोपण कराया जाए। मकानों के चारों ओर पक्की नालियों का निर्माण कर पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए।
गांव में भू-धंसाव के चलते स्थितियां बदतर होती जा रही है। रास्ते व खेत धंस रहे हैं। घरों में दरारें पड़ी हुई है। प्रशासन से विस्थापन की मांग की गई है लेकिन अभी तक विस्थापन नहीं हो पाया है।
- सत्य नारायण सेमवाल, ग्राम प्रधान मस्ताड़ी।
- गांव के विस्थापन के लिए भूमि चयनित कर ली गई है। भूमि का भूगर्भीय सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- तीर्थ पाल सिंह एडीएम उत्तरकाशी।