ऐसे भी हुए प्रयास
केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में उत्तराखंड के हर ब्लॉक में केंद्रीय विद्यालय खोलने की पहल की, जिसे ऑलवेदर रोड प्रोजेक्ट के बाद राज्य के लिए पीएम मोदी की दूसरी सबसे बड़ी सौगात माना जा रहा था। राज्य सरकार भी इसके लिए तय मानक के अनुसार मुफ्त भूमि उपलब्ध कराने के लिए तैयार थी, इसके लिए शासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए लेकिन जिला प्रशासन तय मानक के अनुसार भूमि और भवन उपलब्ध नहीं करा पाया।
हर साल हजारों बच्चे केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने का सपना देखते हैं, इन विद्यालयों के हर ब्लॉक में खुलने से बच्चों को जहां घर के पास बेहतर शिक्षा मिलती, वहीं इससे पहाड़ से होने वाला पलायन रुकता। इन स्कूलों को खुलवाने में केंद्रीय विद्यालय संगठन नहीं बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की अहम भूमिका होती है।
- डॉ.रणवीर सिंह, पूर्व संयुक्त सचिव सीबीएसई