प्रदेश में कीवी की खेती के लिए संभावनाओं को देखते हुए सरकार जल्द ही कीवी मिशन योजना शुरू करेगी। इसमें अरुणाचल प्रदेश और नाबार्ड के सहयोग से योजना बनाई जाएगी। प्रदेश में अनुकूल जलवायु होने के बाद भी कीवी खेती को व्यावसायिक रूप नहीं मिला है। अब सरकार प्रदेश में कीवी खेती को बढ़ावा देने के लिए एक मिशन के रूप में योजना तैयार कर रही है।
वर्तमान में नैनीताल, उत्तरकाशी, बागेश्वर, टिहरी जिले के राजकीय उद्यान मगरा में कीवी का उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन व्यावसायिक रूप से उत्पादन नहीं हो रहा है। नगदी फसल के रूप में अब किसानों का रुझान कीवी खेती के प्रति बढ़ रहा है। उत्तराखंड की जलवायु कीवी खेती के लिए अनुकूल है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार कीवी खेती को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
कीवी उत्पादन में अग्रणी राज्य अरुणाचल प्रदेश और नाबार्ड के सहयोग से कीवी मिशन की योजना तैयार की जाएगी। कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्री के साथ ही जल्द ही कीवी उत्पादन को लेकर बैठक की जाएगी। प्रदेश में कीवी उत्पादन की काफी संभावनाएं है। इससे किसानों की आमदनी दोगुनी हो सकती है।
प्रदेेश में बनेगी नई फूड प्रोसेसिंग नीति
उत्तराखंड में उत्पादित जैविक व स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने के लिए नई फूड प्रोसेसिंग नीति बनाने के लिए उद्यान विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। इस नीति के माध्यम से सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहित करेगी। अभी तक प्रदेश में लागू फूड प्रोसेसिंग नीति सिर्फ मेगा फूड पार्क के लिए बनाई गई है। जबकि वर्तमान में कई फूड प्रोसेसिंग उद्योग निवेश के लिए उत्तराखंड में आ रहे हैं।
नियमावली तैयार, जल्द लागू होगा नर्सरी एक्ट
प्रदेश में पहली बार बने नर्सरी एक्ट की नियमावली तैयार हो गई है। जल्द ही एक्ट प्रभावी ढंग से लागू हो जाएगा। सरकार ने इस एक्ट के माध्यम से किसानों को सुरक्षा कवच दिया है। नर्सरी संचालकों को किसानों को बेचे गए फलदार पौधों की गुणवत्ता की गारंटी देनी होगी। यदि कोई नर्सरी संचालक घटिया पौधे किसानों को बेचता है तो उसे छह माह की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान एक्ट में किया गया है।