फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार: कृषि कानूनों के समर्थन में उतरे हजारों किसान, सीएम बोले- अन्नदाताओं के हित में कृषि सुधार कानून

Wed, 16 Dec 2020 08:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • भाजपा किसान मोर्चा की किसान ट्रैक्टर रैली को फोन से किया संबोधित 
  • मौसम ने सीएम का आना रोका तो वर्चुअल संबोधन में रुकावट बनी नेटवर्किंग 
  • भाजपा के सभी विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल 
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तीन कृषि कानूनों के समर्थन और किसानों को जागरूक करने के मकसद से भाजपा किसान मोर्चा की ओर से आयोजित किसान ट्रैक्टर रैली में मौसम और संचार नेटवर्किंग ने साथ नहीं दिया। किसान रैली में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को शामिल होना था। कोहरा छाने से मुख्यमंत्री हरिद्वार नहीं पहुंच पाए।

विज्ञापन


कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने जैसे ही वर्चुअल संबोधन शुरू किया तो नेटवर्किंग लड़खड़ा गई। इससे मुख्यमंत्री संबोधन नहीं कर पाए। मुख्यमंत्री को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के फोन पर कॉल करके संबोधन करना पड़ा। फोन को माइक के पास रखा गया। पांच मिनट के संबोधन के बाद शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने रैली को रवाना किया। 


कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान आंदोलित हैं। भाजपा किसानों को कृषि कानूनों के प्रति जागरूक करने का अभियान चला रही है। मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेेश पोखरियाल निशंक के कार्यक्रम के बाद बुधवार को भाजपा किसान मोर्चा की ऋषिकुल मैदान से किसान ट्रैक्टर रैली निकाली गई। इसमें मुख्यमंत्री ने टेलीफोन से संबोधित करते हुए कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के हित में है।
विज्ञापन


किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य प्राप्त की ओर बड़ा कदम है। कृषि सुधार कानून के माध्यम से किसानों को स्वतंत्रता दी गई है। किसान को जहां अच्छा मूल्य मिलेगा, वहां अपनी फसल अपनी मर्जी से कहीं भी बेच सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कानून बनाए गए हैं। इसमें किसानों के लिए अनेक विकल्प रखे गए हैं। खुले बाजार की व्यवस्था की गई है। एमएसपी समाप्त करने को लेकर किसानों में भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि एमएसपी कहीं भी समाप्त नहीं की जा रही है। किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार वार्ता की जा रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी गन्ना मिलों की ओर से गन्ना किसानों को सौ प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। धान मूल्य का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से बिल प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर किसानों के खाते में जमा की जा रही है। निजी क्षेत्र की बंद पड़ी इकबालपुर शुगर मिल को 36 करोड़ की गारंटी देकर खुलवाया है, ताकि किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके। राज्य में खाद्य की सब्सिडी दो साल पहले से ही दी जा रही है। किसानों को तीन लाख तक का ऋण बिना ब्याज का दिया जा रहा है।

विज्ञापन

ट्रैक्टर पर सवार हुए भाजपा विधायक 

ट्रैक्टर रैली के दौरान भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा भी ट्रैक्टर पर सवार हुए। उन्होंने कुछ दूर ट्रैक्टर चलाकर किसानों का हमराह बनने की कोशिश की। वहीं दूसरी ओर प्रीत विहार में झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल की पत्नी वैजयंती माला ने भी कुछ दूर ट्रैक्टर की सवारी की।

रैली में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक,  प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार, प्रदेश महामंत्री एवं जिला प्रभारी कुलदीप कुमार, जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान, विधायक आदेश चौहान, स्वामी यतीश्वरानन्द, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, संजय गुप्ता, दर्जाधारी सुशील चौहान, शिवालिक नगर पालिकाध्यक्ष राजीव शर्मा,  जिला महामंत्री विकास तिवारी, मंडल महामंत्री मयंक गुप्ता, नागेंद्र राणा, सुरेश राठौर, योगेश चौहान, निपेंद्र चौधरी, देवी सिंह राणा आदि मौजूद रहे। 
रैली ऋषिकुल से शुरू होकर जटवाड़ा पुल पर हुई खत्म
भाजपा किसान मोर्चा कार्यकर्ताओं की किसान ट्रैक्टर रैली ऋषिकुल मैदान से शुरू होकर रानीपुर मोड़, शंकर आश्रम, ज्वालापुर ऊंचा पुल होकर जटवाड़ा पुल के पास संपन्न हुई। रैली में दर्जनों टैक्ट्ररों में सवार कार्यकर्ता शामिल रहे। ट्रैक्टर भाजपा के झंडे और बैनर से सजाए गए थे। 

किसान आयोग के अध्यक्ष नहीं रहे मौजूद
राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष राकेश राजपूत भाजपा के किसान सम्मेलन और ट्रैक्टर रैली में शामिल नहीं हुए। वे किसान जागरूकता कार्यक्रम के तहत कुमाऊं मंडल के दौरे पर हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें