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जोशीमठ-मलारी हाईवे: छोटे वाहनों के लिए खुला रास्ता, सेना के वाहनों की आवाजाही अब भी रुकी

Tue, 16 Aug 2022 07:08 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ

सार

दो दिन पहले जोशीमठ-मलारी हाईवे चट्टान टूटने के कारण अवरुद्ध हो गया था। रविवार को दिनभर बीआरओ के मजदूर बोल्डरों को हटाने में लगे रहे लेकिन हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारू नहीं हो पाया था।
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जोशीमठ-मलारी हाईवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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जोशीमठ-मलारी हाईवे सलधार में छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारू हो गया है, हालांकि यहां हाईवे के हिल साइड अभी भी बड़े-बड़े बोल्डर अटके हैं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मजदूरों की ओर से बोल्डरों को तोड़ने का काम जारी है। हाईवे पर सेना और आईटीबीपी के ट्रकों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। 13 अगस्त की रात को भारी बारिश के दौरान मलारी हाईवे पर सलधार के पास चट्टान से बड़े-बड़े बोल्डर हाईवे पर आ गए थे। जिन्हें हटाने में बीआरओ के मजदूरों के पसीने छूट गए।

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15 अगस्त को मजदूरों ने कंप्रेशर मशीन की मदद से कुछ बोल्डरों को तोड़कर छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए मार्ग खोल दिया है। लेकिन यहां अभी भी बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। हिल साइड अटके बोल्डर बड़े वाहनों के लिए रुकावट बने हुए हैं। हालांकि बीआरओ के मजदूर मंगलवार को भी बोल्डरों को तोड़ने में लगे रहे। 

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ग्रामीणों को आवाजाही में हो रही दिक्कत

ग्राम पंचायत सुकी के ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह बुटोला ने बताया कि सलधार में पहले भी चट्टान से बोल्डर सड़क पर आए। कुछ समय से हाईवे सुचारु था, लेकिन बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद फिर से यहां बोल्डर हाईवे पर आ गए। जिससे बार-बार वाहनों की आवाजाही ठप पड़ रही है। उन्होंने बताया कि इन दिनों नीती घाटी के ग्रामीण अपने पैतृक गांवों में देव पुजारी के लिए जाते हैं, ऐसे में ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

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मलारी हाईवे को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। हाईवे से बोल्डरों को हटाने में अभी दो से तीन दिन लग सकते हैं।
-कर्नल मनीष कपिल, कमांडर, बीआरओ

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चमोली में भूस्खलन से 23 सड़कें बंद

चमोली जिले में बारिश से अभी भी 23 सड़कें बंद पड़ी हैं जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग गोपेश्वर की 7, प्रांतीय खंड कर्णप्रयाग की 8, पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग की 10, पीएमजीएसवाई (लोनिवि) पोखरी की छह सड़कें कई दिनों से बंद हैं। ऐसे में ग्रामीण लंबी दूरी तक जरूरी सामान पीठ पर लादकर ले जा रहे हैं। 

ईराणी गांव के पूर्व प्रधान मोहन सिंह नेगी का कहना है कि भूस्खलन से पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं जिससे आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। वीर गंगा पर पैदल पुलिया बह जाने से और निजमुला सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को करीब 14 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं। बार-बार बारिश होने से सड़कें दोबारा बंद हो रही हैं। सड़कों को शीघ्र सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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