15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हो जाता। 26 अप्रैल तक प्रदेश में जंगल में आग लगने की 100 घटनाएं हुई थी, इसमें 105 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में नुकसान पहुंचा।
प्रदेश में बीते 24 घंटे में वनाग्नि की घटनाओं में करीब तीन गुना तक बढ़ाेतरी हुई है। इसमें जंगल को काफी नुकसान पहुंचा है।
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15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हो जाता। 26 अप्रैल तक प्रदेश में जंगल में आग लगने की 100 घटनाएं हुई थी, इसमें 105 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में नुकसान पहुंचा। 27 अप्रैल को 12 वनाग्नि की घटनाओं में करीब 31 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जंगल प्रभावित हुआ है। बीते 24 घंटे में राज्य में करीब तीन गुना 33 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं, इसमें 39 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में जैव विविधता प्रभावित हुई है।
72 दिनाें में सौ, दो दिनों में जला 69 हेक्टेयर जंगल
फायर सीजन शुरू होने के बाद से अब तक प्रदेश में 72 दिनों में 100 वनाग्नि की घटनाएं हुई थीं, इसमें 105 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनों को नुकसान पहुंचा। वहीं दो दिनों में 45 घटनाओं में 69 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नुकसान हुआ। कुमाऊं मंडल में 58, गढ़वाल मंडल में 78 और वन्यजीव क्षेत्र में 9 घटनाएं हुई हैं। इसमें सिविल व वन पंचायत में 84.75 और आरक्षित वन में 90.47 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हरियाली प्रभावित हुई है।