अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तारीकरण होगा। इन एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं भी शुरू होंगी। ये हवाई सेवाएं प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही सामरिक दृष्टि से अहम साबित होगी। शनिवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप खरोला ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन एयरपोर्ट के विस्तार व हेली पोर्ट बनाने पर विस्तार से चर्चा की है।
सीएम आवास में मुख्यमंत्री से मुलाकात में केंद्रीय सचिव ने अवगत कराया कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर विमानों की नाइट पार्किंग की व्यवस्था करने की संभावनाएं तलाशी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार के लिए सरकार ने भूमि की उपलब्धता का सैद्धांतिक निर्णय ले लिया है।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। सीमांत क्षेत्र होने के नाते सामरिक दृष्टि से भी जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना जरूरी है। इससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पंतनगर को ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने के लिए सरकार की ओर से प्रभावी पहल की है। 1100 एकड़ भूमि पर ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हवाई सेवा के संचालन में मदद मिलेगी।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का 80 प्रतिशत कार्य पूरा
केंद्रीय सचिव ने बताया कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पहले चरण में लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को 60 मीटर चौड़ा व 270 मीटर लंबा बनाया जा रहा है।