उधर, पुलिस ने व्यक्ति की मौत कोरोना से होने के चलते उसकी कोई सुध नहीं ली। जिला अस्पताल ने दोबारा पुलिस को सूचना दी तो स्थिति स्पष्ट हुई। जिला कोरोनेशन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि कोरोना और कोमा लिखे होने के कन्फ्यूजन में शव का अंतिम संस्कार करने में देरी हुई।
डालनवाला कोतवाली प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि चूंकि, कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के शव का अंतिम संस्कार स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में होता है, इसलिए पुलिस अगले दिशा निर्देशों का इंतजार कर रही थी।
गुरुवार को स्थिति स्पष्ट होने पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि शव को डीप फ्रीजर से अलग भी रखा गया था।