इज आफ डुईंग बिजनेस के लक्ष्य को हासिल करने से उत्तराखंड को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का दो प्रतिशत यानी 4600 करोड़ का अतिरिक्त ऋण मिलेगा। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने संबंधित विभागों को 30 दिसंबर तक लक्ष्य के अनुसार सुधार कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने इज ऑफ डुईंग बिजनेस के तहत निर्धारित कार्य और सकल राज्य घरेलू उत्पाद का अतिरिक्त दो प्रतिशत ऋण सुविधा के लिए विभागों के साथ बैठक की। जिसमें उद्योग, राजस्व विभाग, शहरी विकास, पंजीकरण विभाग, वित्त विभाग, श्रम विभाग, वन विभाग, खनन विभाग, खाद्य आपूर्ति विभागों को तेजी से इज ऑफ डुईंग बिजनेस में सुधार कार्यों को समय पर पूरा करने निर्देश दिए गए।
उन्होंने वन नेशन वन राशन कार्ड, ऊर्जा सेक्टर में सुधार, नवीनीकरण की आवश्यकता में सुधार, जिला स्तर पर इज ऑफ डुईंग बिजनेस के कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में शत प्रतिशत आधार कार्ड सीडिंग प्रक्रिया को 15 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा है। अभी तक 99 प्रतिशत राशन कार्डों की आधार सीडिंग हो चुकी है। वन भूमि का प्रमाणपत्र, ई-मॉड्यूल डेवलपमेंट में शीघ्र सुधार करने के भी निर्देश दिए। टेंडर प्रक्रिया में शिकायत का समय पर समाधान किया जाए। इसके लिए सचिव समिति के स्तर पर चर्चा कर शिकायतों का समाधान करें।
मुख्य सचिव ने ईज ऑफ डुईंग बिजनेस में लक्षित सुधार लाने और जीएसडीपी का दो प्रतिशत अतिरिक्त ऋण धनराशि का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक 15 दिन में बैठक की जाए। 30 दिसंबर तक लक्ष्य हासिल करने पर राज्य को दो प्रतिशत के रूप में 4600 करोड़ का अतिरिक्त ऋण का लाभ मिलेगा।
बैठक में सचिव वित्त सौजन्या, सचिन कुर्वे, आयुक्त उद्योग एसए मुरुगेशन, अपर सचिव विनोद सुमन, आलोक कुमार पांडेय, प्रताप शाह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।