कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने हादसे का कारण चालक को नींद की झपकी आना बताया है। कोतवाल ने बताया कि कार सवार सभी लोग रातभर विवाह समारोह में रहे। सुबह विदाई के बाद गदरपुर से चले। रात भर जगे होने के कारण उसे नींद की झपकी आई और हादसा हो गया।
इन्टर्राक कंपनी के कर्मचारी देवदूत बने
हादसे के बाद घटनास्थल पर सबसे पहले इन्टर्राक कंपनी के कर्मचारी देवदूत बनकर पहुंचे। कर्मचारियों ने कार के अंदर चीख रहे घायलों को बाहर निकालने का प्रयास करना शुरू किया लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने कंपनी से जेसीबी मंगाई। इसके बाद कार को बाहर निकालने के बाद घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
कुसुमलता को बुधवार को हरिद्वार जाना था
हादसे में मृत कुसुमलता के परिजनों के अनुसार कुसुम का पुत्र रोहित हरिद्वार में जॉब करता है। कुसुम को बुधवार को अपने पुत्र रोहित के पास हरिद्वार जाना था। बताया कि गदरपुर में आयोजित विवाह में शामिल होने कुसुम भी चली गई। उन्हें रात को ही लौटना था लेकिन रात को सवारी ना मिलने के कारण वह गदरपुर में शादी के फेरे पूरे होने तक रुक गईं। तड़के लौटते समय कुसुम रॉकी की कार में बैठ गईं और फिर घर के नजदीक आते-आते यह हादसा हो गया।
जेई को पता नहीं था कि उसके ससुर भी यहां चपेट में आए हैं
नगर के ऊर्जा निगम में तैनात जेई उमेश सिंह राणा के साथ भी अजीब घटनाक्रम हुआ। उमेश ने बताया कि सुबह जब वह सोकर उठे तो उन्हें किसी ने फोन पर सूचित किया कि आदित्य चौक के पास एक कार बिजली के पोल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। उमेश ने बताया कि चूंकि घटनास्थल पावर हाउस के पास ही था तो वह अपने घर से टहलते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। थोड़ी देर वहां रुकने के बाद वह लौट आए और थोड़ी देर बाद ही उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उक्त स्थान पर हुए हादसे में उनके चचिया ससुर चरन सिंह जो एफसीआई के वेयर हाउस के प्रबंधक थे, उनकी जान चली गई। जेई का पूरा परिवार गमजदा है।
रॉकी जब कार से गदरपुर से किच्छा के लिए चला तो कार में रॉकी के अलावा उसकी मां निर्मला देवी, चाची मंजू, ताई अनीता, दादी चंद्रावती और पुरानी मंडी निवासी कुसुमलता बैठी थीं। बताया जा रहा है कि नगर और घटनास्थल से काफी पहले ही बसंत गार्डन कॉलोनी है। इन सबको पहले वहीं जाना था लेकिन पुरानी मंडी निवासी कुसुमलता ने कहा कि आप लोग पहले मुझे मेरे घर छोड़ दो फिर लौट आना। इस पर रॉकी पहले कुसुमलता को उसके घर छोड़ने के लिए कार को किच्छा की ओर लेकर आ गया। ये लोग अभी कुछ ही दूर बढ़े थे कि हादसा हो गया। यदि रॉकी पहले अपने घर सवारियां छोड़ देता तो क्या पता हादसा टल भी सकता था।
हादसे के बाद वर वधू दोनों घरों में शोक की लहर
इस हादसे में सबसे ज्यादा सदमा दुल्हन निशु को पहुंचा है। उसे यह नहीं पता था कि जिस मां ने उसे जन्म दिया और लाड़ प्यार से पाला उसके विवाह के दिन ही हादसे में मां ही नहीं बल्कि दादी की जान चली जाएगी। हादसे के बाद वर और वधू दोनों पक्षों के यहां मातम पसरा हुआ है। जिस घर में रात तक शहनाई की आवाजें आ रही थीं वहां पर रुक-रुककर अब करुण क्रंदन हो रहा है।
घटना पर जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
दुर्घटना की सूचना मिलते ही सरकारी अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई। विधायक राजेश शुक्ला, पालिकाध्यक्ष दर्शन कोली, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़, कांग्रेसी नेता संजीव कुमार सिंह व हरीश पनेरु, गिरधारी गोयल सीएचसी पहुंचे और दुर्घटना पर शोक जताया। पनेरु ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की है।