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उत्तराखंड : विभागों की हीलाहवाली से शासन नाराज, सात दिन में खाली पदों पर पदोन्नति देने के आदेश

Tue, 01 Sep 2020 10:04 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी - फोटो : file photo
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शासन ने विभागों में पदोन्नतियां लटकाए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। विभागों को आदेश दिए गए हैं कि वे सात दिन के भीतर लंबित पदोन्नति के मामले निपटा दें। उन्हें खाली पदों पर पदोन्नतियां देने को कहा गया है। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने ये आदेश कर्मचारी संगठनों की शिकायत पर किए हैं।

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पिछले पखवाड़े अलग अलग कर्मचारी संगठनों से अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने वार्ता की थी। इन वार्ताओं में संगठनों के प्रतिनिधियों ने विभागीय स्तर पर पदोन्नतियां लटकाने की शिकायत की थीं। इन शिकायतों पर एसीएस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सोमवार को उनकी ओर से सभी राज्याधीन सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं, सार्वजनिक उद्यमों, निगमों एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं में लंबित पदोन्नतियों पर कार्रवाई करने के आदेश हुए हैं।

इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, प्रभारी सचिवों, सभी विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों, आयुक्त गढ़वाल व कुमाऊं, सभी जिलाधिकारियों, निगमों, संस्थाओं के प्रबंध निदेशकों को पत्र जारी कर दिया गया है। उन्हें ताकीद किया गया है कि विभागों में खाली पदों पर प्रत्येक दशा में एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित पदोन्नतियां कर दी जाएं।
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इससे पूर्व भी कार्मिक विभाग की ओर से विभागों को लंबित पदोन्नतियों के मामले निपटाने के आदेश जारी हो चुके हैं। लेकिन शासन के आदेश के बावजूद कई विभागों में नियम कायदों व एसीआर के आधार पर पदोन्नतियां लटकाई गई हैं।

अपर मुख्य सचिव का आभार। एसोसिएशन ने उन्हें इस संबंध में पत्र दिया था। पदोन्नतियां लटकाए जाने पर नाराजगी जताई गई थी और उनसे इस संबंध में विभागों को दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। 
- दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनरल ओबीसी एसोसिएशन

पिछले दिनों एसीएस से वार्ता में परिषद ने पदोन्नतियां लटकाए जाने का मामला जोर-शोर से उठाया था। एसीएस ने इस पर विभागों को जल्द आदेश जारी करने का आश्वासन दिया था। परिषद की ओर से विभागाध्यक्ष कार्यालयों में डेरा डालो अभियान भी छेड़ा गया था। उम्मीद है कि विभाग शासन के आदेश का पालन करेंगे।- अरुण पांडेय, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
समयबद्ध पदोन्नतियों की मांग संगठन लगातार उठाता रहा है। मुख्यमंत्री से लेकर अपर मुख्य सचिव तक से यह मामला उठाया गया था। आभारी हैं कि अपर मुख्य सचिव ने संगठनों की मांग पर समयबद्ध पदोन्नति को लेकर आदेश जारी किए।
-पंचम सिंह बिष्ट, प्रदेश महामंत्री, उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन

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राहत : अधिनियम में छूट दे खोली प्रमोशन की राह

कर्मचारियों के प्रमोशन में दुर्गम की अनिवार्य सेवा मामले में छूट देते हुए प्रदेश सरकार ने सोमवार को हजारों कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए प्रमोशन की राह खोल दी है। प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों को पहले और दूसरे प्रमोशन के लिए तबादला एक्ट के अनुसार न्यूनतम सेवा की आधी सेवा दुर्गम में करनी है। इसके लिए तबादला एक्ट के लागू होने से 30 जून 2020 तक की अवधि तय की गई थी।

जिससे दुर्गम में सेवा न करने वाले कई कर्मचारियों और अधिकारियों के इस साल प्रमोशन लटक गए थे। सोमवार को शासन की ओर इस व्यवस्था के लागू होने की अंतिम तिथि को दो साल के लिए आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। शासन ने स्थानांतरण अधिनियम 2017 की धारा 27 में दिए गए अधिकारों के तहत विभागों को स्थानांतरण अधिनियम की व्यवस्था में छूट दिए जाने का शासनादेश जारी किया है।

प्रभारी सचिव भोपाल सिंह मनराल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एक्ट में व्यवस्था की गई कि कर्मचारी ने यदि ऐसा आधा भाग दुर्गम स्थान पर व्यतीत नहीं किया हो तो उसके प्रमोशन पर तभी विचार किया जाएगा जब वह बंधन पत्र देगा कि ऐसा भाग पूरा होने की अवधि तक वह अनिवार्य रूप से दुर्गम स्थान पर तैनात रहेगा। आदेश में कहा गया है कि स्थानांतरण अधिनियम लागू होने के बाद भी राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के क्रम में पिछले दो वर्षों में केवल 10 फीसदी तबादले किए गए।

जबकि वर्तमान में तबादला सत्र को शून्य सत्र घोषित किया गया है। स्थानांतरण के लिए पात्र कर्मचारियों में से मात्र 10 फीसदी कर्मचारियों का तबादला होने एवं शेष पात्र कर्मचारियों का तबादला न होने की वजह से कर्मचारी दुर्गम क्षेत्रों में अपनी सेवाएं नहीं दे सके। जिसेेे देखते हुए अधिनियम की धारा 19.2 को लागू किए जाने में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों को देखते हुए इस धारा में संक्रमण काल की अवधि को न्यूनतम 2 साल 30 जून 2022 तक विस्तारित किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है।

अपर शिक्षा निदेशक एसपी खाली ने कहा कि शिक्षा विभाग में कुछ मिनिस्टीरियल कर्मचारियों द्वारा दुर्गम में सेवा न किए जाने से उनके प्रमोशन लटक गए थे। लेकिन इस आदेश के बाद अब उन कर्मचारियों के प्रमोशन हो सकेंगे। - एसपी खाली अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल प्रारंभिक शिक्षा
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