मीना देवी व पीटीए अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने कहा कि विद्यालय परिसर में जेल के माहौल को देखते हुए अभिभावक सहमे हुए हैं, जबकि बच्चों में भी डर बना हुआ है। प्रधानाचार्य मंगल सिंह चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन को दो पत्र भेज विद्यालय को अस्थायी जेल बनाए जाने से आ रही परेशानियों को लेकर अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
जेलर जिला कारागार खांड्यूसैंण डीपी सिन्हा ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए विद्यालय को अस्थायी जेल बनाया गया था। अपराधी को 14 दिन अस्थायी जेल में रखने के बाद जिला कारागार में शिफ्ट किया जाता है। कहा कि यहां वर्तमान में तीन कैदी रह रहे हैं।
वहीं एडीएम पौड़ी डॉ. एसके बरनवाल ने बताया कि विद्यालय को अस्थायी जेल से मुक्त किए जाने के लिए एसडीएम सदर और शिक्षा विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय को जल्द ही अस्थायी जेल से मुक्त कर लिया जाएगा।
अस्थायी जेल जीआईसी ओजली में सुरक्षाकर्मी बिना मास्क के ही मिले। मीडिया के पहुंचने पर सुरक्षा कर्मियों ने मास्क का उपयोग किया। जेल अधीक्षक सिन्हा ने कहा कि मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।