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Uttarakhand News : गंगोत्री-यमुनोत्री रेल परियोजना में अब मनेरी नहीं बड़कोट के नंदगांव तक जाएगी रेल

Sun, 07 Feb 2021 08:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal विनोद मुसान, अमर उजाला, ऋषिकेश
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में डोईवाला से गंगोत्री और यमुनोत्री रेल परियोजना के तहत रेल अब उत्तरकाशी के मातली से मनेरी नहीं जाएगी। रेल विकास निगम के इस प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड ने नफा-नुकसान का अध्ययन और व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए निरस्त कर दिया है। इस तरह से इस परियोजना के तहत उत्तरकाशी का मातली गंगोत्री का आखिरी स्टेशन होगा। जबकि यहीं से बड़कोट के नंदगांव तक करीब 18 किमी ट्रैक बिछाया जाएगा, जो यमुनोत्री का आखिरी स्टेशन होगा। इस तरह से परियोजना में रेलवे स्टेशनों की संख्या दस से घटकर नौ रह जाएगी। इस रेल परियोजना पर कुल 29 हजार करोड़ रुपये खर्च का आंकलन किया गया है।

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उत्तराखंड के चारों धाम को रेल सर्किट से जोड़ने की कवायद जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। इसमें उसी तरह से जरूरत के अनुसार बदलाव भी किए जा रहे हैं। ताजा बदलाव उत्तरकाशी के मातली से मनेरी रेलवे स्टेशन को खत्म करने का है। रेल विकास निगम के अधिकारियों की मानें तो पूर्व में उत्तरकाशी के मातली से मनेरी तक रेल पहुंचाने का प्रस्ताव भेजा गया था, जो रेलवे बोर्ड ने नफा-नुकसान के साथ व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए निरस्त कर दिया।

मातली से मनेरी तक कुल 22 किमी का ट्रैक बिछाया जाना था, जबकि सड़क मार्ग की दूरी मात्र 14 किमी है। यहीं से यमुनोत्री ट्रैक की शुरूआत होगी। उत्तरकाशी के मातली से ट्रेन बड़कोट के नंदगांव तक जाएगी, जिसकी दूरी मात्र 18 किमी होगी, जबकि सड़क मार्ग से यह दूरी करीब 80 से 85 किमी बैठती है। जबकि परियोजना की कुल लंबाई (डोईवाला से मातली) 102 किमी है। जिसमें ट्रेन 29.63 किमी खुले में, जबकि 72.236 किमी सुरंगों से होकर गुजरेगी। इस तरह से इस रेल परियोजना का 70 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा।
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डोईवाला से उत्तरकाशी-बड़कोट तक प्रस्तावित स्टेशन

डोईवाला से भानियावाला
भानियावाला से रानीपोखरी
रानीपोखरी से जाजल
जाजल से मरोड़ा
मरोड़ा से कंडीसौर
कंडीसौर से सरोट
सरोट से चिन्यालिसौड
चिन्यालिसौड से डूंडा
डूंडा से मातली (उत्तरकाशी)
मातली से बड़कोट

सबसे लंबी सुरंग की लंबाई होगी 15 किमी

डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेल परियोजना के तहत 102 किमी लंबा ट्रैक बिछाया जाना है, जो 29.63 किमी खुले में, जबकि 72.236 किमी सुरंगों से होकर गुजरेगा। इसमें कुल नौ स्टेशन बनाए जाएंगे। जबकि 21 सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। जिसमें सबसे लंबी सुरंग की लंबाई 15 किमी से अधिक होगी। इसी तरह से पांच किमी से कम लंबाई की सुरंगों की संख्या 18, जबकि पांच किमी से अधिक लंबाई की सुरंगों की संख्या दो होगी। इसके अलावा 3 किमी का ट्रैक बायडक्ट (एक तरह का फ्लाईओवर) के ऊपर बिछाया जाएगा। जिसमें बायडक्ट की संख्या 17 रहेगी। परियोजना में उत्तरकाशी का मातली स्थित स्टेशन सबसे बड़ा 16 लाइन का होगा। जबकि, बड़कोट स्टेशन 13 लाइन और शेष आठ स्टेशन दो लाइन के प्रस्तावित हैं।

डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। जब भी कोई बड़ी परियोजना बनती है, उसके पूरी होने तक उसमें हमेशा बदलाव की गुंजाइश रहती है। मनेरी तक रेल प्रस्ताव को रद्द किया जाना भी उसी बदलाव का एक हिस्सा है। उत्तरकाशी में मातली और बड़कोट में नंदगांव इस परियोजना के आखिरी स्टेशन होंगे। लेकिन इससे आगे भी धामों तक श्रद्धालुओं को सुविधाजनक ढंग से पहुंचाने के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। ये दूसरे विकल्प केबल कार (रोपवे), रैक रेलवे या फ्यूनिकुलर रेल हो सकते हैं। जिनके प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजे जा चुके हैं।
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- ओमप्रकाश मालगुड़ी, रेल विकास निगम के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक

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