कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन पार्टी को पूरी सक्रियता के साथ चुनाव लड़वाएंगे। बागेश्वर में पत्रकारों से बातचीत में रावत ने कहा कि उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, उस पर वह कायम हैं।
हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि भले वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन पूरी सक्रियता और दमखम के साथ चुनाव लड़वाएंगे। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से उनके नेतृत्व के लिए बनाए गए गीत को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि गीत बनाना, नेतृत्व सौंपने की बात करना कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावना है, जिसका वह सम्मान करते हैं। किसी को भी गलतफहमी में रहने की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और प्रदेश में सरकार बनाएगी। भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा से प्रदेश की जनता का मोहभंग हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार विकास करने और महंगाई रोकने में असफल रही हैं। डबल इंजन की सरकार भ्रष्टाचार में कीर्तिमान बना रही है। कानूनों को तोड़ने, मरोड़ने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब वह गढ़वाल के हिमालयी क्षेत्रों का दौरा करेंगे। उसके बाद अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी का दौरा कर कांग्रेस की बात लोगों तक पहुंचाएंगे। इस दौरान कठपुड़ियाछीना पहुंचने पर यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हरीश रावत, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल दत्त भट्ट, गणेश रावत, रंजीत दास, सज्जन लाल टम्टा, बालकृष्ण, नरेंद्र मेहता, मोहन रौतेला आदि ने उनका स्वागत किया।
मनकोट में पहाड़ी अंदाज में नजर आए हरदा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बागेश्वर के मनकोट स्थित पहाड़ी व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध जायका रेस्टोरेंट में पहाड़ी अंदाज में दिखाई दिए। उन्होंने भट के डुबुके पकाए और बड़े चाव से डुबुके, झोली, खीर, भांग की चटनी के साथ चूख (बड़ा नीबू) का लुत्फ उठाया। उन्होंने सरकार को कुमाऊंनी, गढ़वाली व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए फूड मार्ट खुलवाने की नसीहत दी। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व प्रमुख राजेंद्र टंगड़िया, जिपं सदस्य सुरेंद्र खेतवाल, बालकृष्ण, कैलाश मोहन आदि थे।
रविवार को गाजीपुर बॉर्डर जाएंगे हरीश रावत
किसान नेताओं ने तय किया है कि रविवार को वह गाजीपुर बॉर्डर पर जाकर किसानों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा।