इस दौरान स्थानीय युवाओं और अन्य लोगों ने तत्परता से पानी व मिट्टी से आग बुझानी शुरू कर दी। लगभग आधा घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। स्थानीय निवासी व भाजपा के युवा नेता गंभीर सिंह बिष्ट ने बताया कि पूरे क्षेत्र में चीड़ बाहुल्य वन है। जहां आग की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं।
वहीं, वनाग्नि के कारण रुद्रप्रयाग-सतेराखाल-चोपता मोटर मार्ग पर भी पत्थर और जलती लकड़ी गिरने का खतरा बना हुआ है। इधर, जखोली ब्लॉक के मल्यासु के ऊपरी तरफ भी जंगल में आग से वन संपदा को नुकसान हुआ है।