मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सेब उत्पादन में क्रांति लाकर नया इतिहास रचेंगे। सीएम ने उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में सेब मिशन का बजट दोगुना करने की घोषण की है। अभी तक सेब मिशन का बजट तीन करोड़ है। जिसे बढ़ा कर छह करोड़ किया जाएगा। इसके साथ कोरोना काल में सेवाएं देने वाले कृषि व उद्यान विभाग के कर्मचारियों को कोरोना वारियर के रूप में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
शुक्रवार को रेंजर ग्राउंड में मुख्यमंत्री ने पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव का उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के साथ ही बागवानी के विकास के लिए अनुकूल नीति बनाई जाएगी। सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश में नए बगीचे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों से राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुकूल बागवानी विकास के लिए शोध व अनुसंधान विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की है।
अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव 2021: गुणवत्ता में कश्मीर और हिमाचल से कम नहीं उत्तराखंड का सेब
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन एप्पल नो डॉक्टर की बात सेब पौष्टिकता के महत्व को बताता है। उत्तराखंड के सेब देश दुनिया में पहचान बने इस पर ध्यान देने की जरूरत है। राज्य में नई तकनीकी के बल पर सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू कश्मीर व हिमाचल से अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर निर्यातक बनें। इस दिशा में समेकित प्रयासों की जरूरत है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने महोत्सव में उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू कश्मीर के किसानों की ओर से लगाई गई सेब व उससे तैयार विभिन्न उत्पादों और कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव से बागवानी विकास के मील का पत्थर साबित होगा। एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल के साथ उत्तराखंड सेब की पहचान बने। इसके लिए गुणवत्ता व पैकिंग पर ध्यान दिया गया है। किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए जैविक तरीके से उत्पादन करना होगा, जिससे उत्पाद का अच्छे दाम मिल सके।
उद्यान निदेशक डॉ. एचएस बवेजा ने कहा कि उत्तराखंड में बागवानी विकास के लिए 1690 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक महेश नेगी, पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा, अपर सचिव उद्यान रामविलास यादव, कृषि निदेशक गौरी शंकर, सगंध पौध केंद्र के निदेशक नृपेंद्र चौहान, बागवानी मिशन निदेशक संजय श्रीवास्तव, प्रगतिशील किसान डीपी उनियाल आदि उपस्थित थे।