चारधामों में आने वाले यात्रियों की क्षमता के आधार पर यात्रा को चलाएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना, सैनिटाइजेशन अनिवार्य होगा। जिस तरह से पहले भी चारधाम यात्रा को संचालित की गई थी। उसी तरह से यात्रा आगे भी चलेगी। कोरोना मामले बढ़ने से इस समय एहतियात के तौर पर सख्ती बरती जा रही है। हमारी चारधाम यात्रा सफल होगी। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। केंद्र के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री
चारधाम यात्रा में आने के लिए इस बार तीर्थ यात्रियों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। अब तक जीएमवीएन के होटलों में तीन करोड़ की बुकिंग हो चुकी है। वहीं, केदारनाथ हेली सेवा के लिए 8762 लोग ने टिकट बुकिंग की है।
- डॉ. आशीष चौहान, प्रबंध निदेशक, जीएमवीएन
कोरोना के कारण गत वर्ष 10 प्रतिशत तीर्थ यात्री आए
प्रदेश में बीते वर्ष मार्च 2020 में कोरोना की दस्तक से चारधाम यात्रा पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। अप्रैल माह में कपाट खुलने के बाद यात्रा शुरू नहीं हुई। एक जुलाई माह में प्रदेश के लोगों के लिए यात्रा शुरू की गई है। जबकि 25 जुलाई से प्रदेश के बाहर के लोगों को सशर्त यात्रा में अनुमति दी गई है। नवंबर-दिसंबर माह तक चारधाम में 3.30 लाख तीर्थ यात्री ही दर्शन करने पहुंचे थे। जबकि इससे पहले वर्ष 2019 में लगभग 32 लाख से ज्यादा यात्रियों के यात्रा में आने का रिकॉर्ड बना था।
पर्यटन क्षेत्र में 26.87 प्रतिशत रोजगार का अनुमान
नेशनल काउंसिल आफ एप्लाइड इकॉनामी एंड रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में कुल रोजगार का 26.87 प्रतिशत रोजगार पर्यटन क्षेत्र में अनुमानित है। राज्य से बाहर से आने वाले पर्यटक सबसे ज्यादा व्यय 40.3 प्रतिशत पर्यटन व उससे संबंधित उत्पादों पर करते हैं। होटल में 18.7 प्रतिशत, परिवहन सेवा में 15.9 प्रतिशत, रेस्टोरेंट पर 9.3 प्रतिशत व्यय किया जाता है।