फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः प्रदेश में रोजगार पैदा करने में मददगार बनी ईपीएफओ की आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना

Wed, 17 Feb 2021 12:08 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal गौरव ममगाईं, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

लॉकडाउन के बाद निजी क्षेत्रों में हुई छंटनी के बाद अब प्रदेश में हालात सुधरते नजर आ रहे हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना निजी क्षेत्रों में नए रोजगार पैदा करने में मददगार साबित हो रही है। नियोक्ता और कर्मचारी नई भर्ती का हिस्सा बनकर ईपीएफ सहभागिता से मुक्ति का भी लाभ ले रहे हैं। 

विज्ञापन


उत्तराखंड में अक्तूबर 2020 से योजना लागू हुई, जिसका लाभ जून 2021 तक नई भर्ती करने वाली कंपनियों व कर्मचारियों को ही मिलेगा। प्रदेश में जनवरी 2021 तक 317 कंपनियों ने नई भर्ती किए कर्मचारियों को ईपीएफओ में दर्ज कराया है।

इन कंपनियों में नया रोजगार पाने वाले कर्मचारियों की संख्या 6026 तक पहुंच गई है। हर महीने कंपनियां योजना से जुड़ रही हैं। औसतन 1200 से 1500 हर महीने नए कर्मचारियों का पंजीकरण ईपीएफओ में कराया जा रहा है। इन नतीजों को लेकर ईपीएफओ के अधिकारी उत्साहित हैं।  
विज्ञापन


यह है आत्मनिर्भर रोजगार योजना

केंद्र सरकार की ओर से निजी क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू की गई है। इसमें अक्तूबर 2020 से जून 2021 के बीच नई भर्ती करने वाली कंपनियों व कर्मचारियों को लाभ दिया जाएगा।

नई भर्ती पाने वाले कर्मचारियों व कंपनी के हिस्से (12-12 प्रतिशत) की पीएफ राशि केंद्र सरकार भुगतान करेगी। कर्मचारी को यह राशि नकद भुगतान में बढ़कर मिलेगी, जबकि नियोक्ता को भी बड़ी राहत होगी। यह योजना 15 हजार से कम आय वाले कर्मचारियों पर लागू होगी। 

केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना ने शुरुआती महीनों में ही प्रदेश में बहुत अच्छे नतीजे दिए हैं। जनवरी तक 6000 से ज्यादा नई भर्तियां हो चुकी हैं। फरवरी महीने में और तेजी आई है। इस योजना से निजी क्षेत्रों में भी हालात सुधर रहे हैं। कोई भी होटल व सामान्य व्यापारिक प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मचारी भी योजना का लाभ ले सकते हैं।
विज्ञापन

- मनोज कुमार यादव, आयुक्त, ईपीएफओ उत्तराखंड

कर्मचारियों के लिए शर्तें

- ऐसे कर्मचारी जिनकी कंपनी ईपीएफओ में पंजीकृत हो
- वे कर्मचारी जिन्होंने एक अक्तूबर 2020 से 30 जून 2021 के बीच नौकरी पाई हो
- 15 हजार रुपये मासिक आय से ज्यादा न हो
- जिन कंपनी में 1000 से कम या ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां कर्मचारी का पीएफ का हिस्सा सरकार वहन करेगी, जबकि, कंपनी के लिए शर्त अलग है

कंपनी के लिए शर्तें

- कंपनी में एक अक्तूबर 2020 से 30 जून 2021 के बीच नए कर्मचारी को नौकरी पर रखा हो
- कंपनी का ईपीएफओ में पंजीकरण होना चाहिए, नए कर्मचारी को भी ईपीएफओ में पंजीकृत कराएं
- सितंबर 2020 में 50 से कम कर्मचारी हैं तो उसके बाद कम से कम दो नए कर्मचारी रखने अनिवार्य
- सितंबर 2020 में 50 से ज्यादा कर्मचारी हैं तो उन कंपनियों में कम से कम 5 नए कर्मचारी रखने अनिवार्य
- जो कंपनी ईपीएफओ में नया पंजीकरण कराएगी, वहां के सभी कर्मचारी लाभ के दायरे में आएंगे
- कंपनी में 1000 से कम कर्मचारी होने पर कंपनी के हिस्से का पीएफ सरकार देगी, लेकिन 1000 से ज्यादा कर्मचारी होने पर कंपनी को लाभ नहीं मिलेगा

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें